कोविड-19 के उपचार के लिए भारत की पहली जेनेरिक दवा 'कोविफोर' को मिली मंजूरी
अगर कोविफोर सफल हुआ तो करोडों लोगों को मिलेगा फायदा
COVIFOR' (रेमडेसिवीर ) को मिली ये स्वीकृति एक गेम-चेंजर साबित हो सकती है..!
यह उत्पाद पूरी तरह से स्वदेशी रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) द्वारा शुरू किए गए मेक इन इंडिया (Make in India) अभियान के अनुरूप बनाया गया
भारत की प्रमुख जेनेरिक दवा कंपनियों में से एक हेटेरो (Hetero) ने आज घोषणा की है कि उसे कोविड-19 (Covid-19) के उपचार के लिए ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) से जांच संबंध एंटी वायरल दवा 'रेमडेसिवीर' के लिए विनिर्माण और मार्केटिंग की मंजूरी मिल गई है. रेमडेसिवीर के हेटेरो के जेनेरिक संस्करण को भारत में ब्रांड नाम 'COVIFOR' के तहत बेचा जाएगा. हेटेरो ग्रुप ऑफ़ कंपनीज़, के चेयरमैन डॉ. पार्थ सारथी रेड्डी, ने कहा कि भारत में COVID-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनज़र, COVIFOR' (रेमडेसिवीर ) को मिली ये स्वीकृति एक गेम-चेंजर साबित हो सकती है, जिसने क्लिनिकल स्तर पर सकारात्मक नतीजे दिए हैं.
रेड्डी ने आगे कहा कि मजबूत पिछड़ी एकीकरण क्षमताओं के आधार पर, हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि ये उत्पाद देश भर के रोगियों को तुरंत उपलब्ध कराया जाए. हम वर्तमान जरूरतों को पूरा करने के लिए आवश्यक पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करने के लिए तैयार हैं. हम COVID-19 के खिलाफ लड़ाई में बदलाव लाने के लिए सरकार और चिकित्सा समुदाय के साथ मिलकर काम करना जारी रखेंगे. यह उत्पाद पूरी तरह से स्वदेशी रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) द्वारा शुरू किए गए मेक इन इंडिया (Make in India) अभियान के अनुरूप बनाया गया है.
ऐसे रोगियों को दी जा सकती है ये दवावयस्कों और बच्चों में कोविड-19 के संदिग्ध या प्रयोगशाला-पुष्टि वाले मामलों और गंभीर लक्षणों के साथ अस्पताल में भर्ती लोगों के उपचार के लिए डीसीजीआई ने रेमडेसीविर को मंजूरी दी है. COVIFOR (रेमडेसिवीर ) 100 mg शीशी इंजेक्शन के रूप में उपलब्ध होगी.
उत्पाद को कम और मध्यम आय वाले देशों में COVID-19 उपचार तक पहुंच का विस्तार करने के लिए गिलियड साइंसेज इंक के साथ एक लाइसेंसिंग समझौते के तहत लॉन्च किया गया है.
लोगों को सस्ती दवा उपलब्ध कराने का काम करती है हेटेरो
बता दें कि हेटेरो भारत की अग्रणी जेनेरिक दवा कंपनियों में से एक है और दुनिया में एंटी-रेट्रोवायरल दवाओं का सबसे बड़ा उत्पादक है. हेटेरो में 126 से अधिक देशों में एक मजबूत वैश्विक उपस्थिति है और ये दुनिया भर के रोगियों के लिए सस्ती दवाओं को सुलभ बनाने का काम करती है.