कोरोना संक्रमण के कारण ऑनलाइन पेमेंट में आई तेजी, जून में यू... - CG Sandesh

कोरोना संक्रमण के कारण ऑनलाइन पेमेंट में आई तेजी, जून में यूपीआई के जरिए की गई 1.2 ट्रिलियन ट्रांजेक्शन।

आज से ठीक चार साल पहले भारत सरकार ने डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए नोटबंदी की थी। हालांकि, सरकार कड़े प्रायसों के बावजूद डिजिटल पेमेंट को उस मुकाम पर नहीं पहुंचा पाई थी, जिसपर वह पहुंचाना चाहती थी। लेकिन अब कोरोना संक्रमण के कारण डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल एकदम से बढ़ा है। ज्यादातर लोग अब इस संक्रमण के खतरे को देखते हुए बिजली के बिल से लेकर ग्रॉसरी तक के लिए डिजिटल पेमेंट का सहारा ले रहे हैं।

नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया की डाटा रिपोर्ट के मुताबिक, जून में लोगों ने कोरोना के डर की वजह से यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी यूपीआई का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया था। इसके साथ ही यूपीआई के जरिए 1.2 ट्रिलियन ट्रांसजेक्शन की गई थी। गैट सिंपल टेक्नोलॉजी कंपनी के सीईओ नित्यानंद शर्मा ने कहा कि कोरोना काल में ज्यादातर लोग बिजली के बिल से लेकर रिचार्ज तक के लिए ऑनलाइन भुगतान कर रहे हैं। जो लोग पहले ऑनलाइन ग्रॉसरी की खरीदारी नहीं करते थे, वह अब खरीदारी करने के साथ ऑनलाइन पेमेंट कर रह हैं। उन्होंने आगे कहा है कि भारत में डिजिटल पेमेंट का विकास जो पास साल में नहीं हुआ था, वो अब हुआ है।

मोदी सरकार ने दिया डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा 2016 में मोदी सरकार ने डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए अचानक से नोटबंदी की थी। इसके पीछे सरकार का मकसद था कि देश में ऑनलाइन पेमेंट के इस्तेमाल को बढ़ाया जा सके। उस दौरान नकदी कम होने के कारण ऑनलाइन पेमेंट का इस्तेमाल बढ़ा था। लेकिन कुछ समय बाद नोट की ट्रांसजेक्शन में बढ़ोतरी होने के साथ ही डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल दोबारा कम हो गया था। हालांकि, अब कोरोना संक्रमण के चलते डिजिटल ट्रांसजेक्शन में दोबारा से तेजी आई है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अभी 10 फीसदी डिजिटल ट्रांसजेक्शन जीडीपी का हिस्सा है। साथ ही भारत सरकार ने भी डिजिटल ट्रांसजेक्शन को प्रतिदिन एक बिलियन पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। पिछले साल रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने कहा था कि हम 2021 तक 15 फीसदी डिजिटल ट्रांसजेक्शन को जीडीपी का हिस्सा बनाना चाहते हैं।


अन्य सम्बंधित खबरें