5G के लिए भारत के साथ काम करने को तैयार अमेरिका!
भारत सरकार ने चीन के 59 एप्स पर प्रतिबंध क्या लगाया, पूरी दुनिया चीन की टेक्नोलॉजी कंपनियों के खिलाफ हो गई है, हालांकि ऐसा नहीं है कि पहली बार चाइनीज कंपनियों को किसी देश में प्रतिबंधित नहीं किया गया है। अमेरिका और चीन की कंपनी हुवावे की दुश्मनी पुरानी है। अब हाल ही में ब्रिटेन ने हुवावे की 5जी टेक्नोलॉजी पर सात साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। चीन पर लग रहे ऐसे लगातार प्रतिबंध के बाद पूरी दुनिया की नजरें भारत पर टिकी हैं। भारत और अमेरिका के बीच 5G नेटवर्क पर साझेदारी पर बात बनने का आसार नजर आ रहा है। यूएस इंडिया बिजनेस काउंसिल (USIBC) की अध्यक्ष निशा बिस्वाल ने गुरुवार को कहा टेक्नोलॉजी क्षेत्र के लिए भारत और अमेरिका दो अहम देश हैं। ऐसे में 5जी नेटवर्क के लिए भारत और अमेरिका के बीच साझेदारी की संभावन बढ़ गई है।
रिपोर्ट समाचार एजेंसी एनआई को दिए एक इंटरव्यू में बिस्वाल ने कहा कि उम्मीद है कि डिजिटल वाणिज्य और प्रौद्योगिकी सहयोग के सभी क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच विकास जारी रहेगा। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि टेक्नोलॉजी का क्षेत्र साझेदारी के लिहाज से दोनों देशों के लिए काफी महत्वपूर्ण है। हमारा संबंध पहले से ही भरोसमंद है और हमारे पास डिजिटल दुनिया को समझने और उसे स्वीकार करने वाली एक बड़ी आबादी है।' बिस्वाल ने कहा कि अमेरिका और भारत की आर्थिक साझेदारी एक है जो दोनों देशों के लिए महत्व में बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना वैक्सीन पर भारत और अमेरिका साथ में काम कर रहे हैं। 21-22 जुलाई को इंडिया आइडिया समिट का आयोजन होने वाला है जिसका आयोजन USIBC ने ही किया है। इस समिट में टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारत और अमेरिका के बीच बड़ी साझेदारी को लेकर विस्तार से बातचीत होगी। इस इवेंट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबोधित करने वाले हैं।
बता दें कि इसी साल जनवरी में ब्रिटेन सरकार ने कहा था कि हुवावे को 5जी नेटवर्क के संवेदनशील कोर से बाहर रखा जाएगा और अन्य क्षेत्रों में उसकी भागीदारी महज 35 फीसदी रहेगी, लेकिन अब सरकार ने अपना फैसला बदल दिया है। ब्रिटेन सरकार के इस फैसले पर हुवावे ने अपने एक बयान में कहा है, 'ब्रिटेन के हर एक स्मार्टफोन यूजर के लिए यह एक निराशाजनक निर्णय है। यह फैसला ब्रिटेन को डिजिटली तौर पर पीछे ले जाने वाला है। हम उनसे इस पर पुनर्विचार करने का आग्रह करेंगे। हमें यकीन दिलाते हैं कि हमारे प्रोडक्ट से राष्ट्र की सुरक्षा प्रभावित नहीं होगी।' बता दें कि अमेरिका में अक्सर हुवावे को लेकर बवाल होता रहा है।