आ रही हैं स्वदेशी Video Conferencing एप्स, होगी डाटा की बचत..
कॉन्फ्रेंसिंग एप जूम के भारतीय विकल्प पेश किया गए। इस प्रतियोगिता में कई कंपनियों ने हिस्सा लिया था। इन एप्स में जूम एप से बेहतर फीचर दिए गए हैं। इनमें से एक एप ‘वीकंसोल’ और दूसरी ‘सर्व वेब’ एप है। इन एप्स की खासियत यह है कि इन्हें भाररतीय जरूरतों को देखते हुए डिजाइन किया गया है, साथ ही इनमें डाटा की खपत भी कम होती है...
वीकंसोल एप बात करते हैं ‘वीकंसोल’ की तो, इस एप को केरल की आईटी कंपनी टेकजेंसिया सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजीज ने बनाया है और यह एप ग्रैंड इनोवेशन चैलेंज में विजेता रही है। इस एप को कई भाषाओं में उतारा गया है और इसकी साउंड क्वॉलिटी और वीडियो क्वॉलिटी भी बेहतर है। कंपनी इस एप को अगले महीने आधिकारिक तौर पर लॉन्च करेगी।
शिक्षा और टेलीमेडिसन पर फोकस वहीं ‘वीकंसोल’ का फोकस शिक्षा और टेलीमेडिसन पर है, क्योंकि कंपनी का मानना है कि महामारी में इन दो सेक्टर्स में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की मांग बढ़ी है। इस एप को सरकार के ग्रैंड इनोवेशन चैलेंज में बतौर ईनाम एक करोड़ रुपये की धनराशि मिली है। वहीं यह कंपनी सरकारी दफ्तरों में भी अपनी सेवाएं देगी। हालांकि शुरुआत में यह मुफ्त उपलब्ध होगी, लेकिन बाद में यह पेड हो जाएगी।
सर्व वेब एप ग्रैंड इनोवेशन चैलेंज में जयपुर की सर्व वेब एप को भी बेहतर वीडियो एप माना गया है और पुरस्कार स्वरूप 50 लाख रुपये दिए गए हैं। सर्व एप डाटा की कम खपत करती है, मौजूदा वीडियो एप्स के मुताबले यह 50 फीसदी तक कम डाटा खर्च करती है। इसमें नॉयज रिडक्शन फीचर भी है यानी कि इसमें शोर को फिल्टर करने की क्षमता भी है।
'नो डाटा मोड' फीचर
सर्व वेब एप में एक नया फीचर 'नो डाटा मोड' दिया गया है, जिसके इस्तेमाल के बाद यह केवल 50 एमबी डाटा ही खर्च करेगी। आम एप्स में एक घंटे की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में एक जीबी डाटा तक खत्म हो जाता है, लेकिन यह एप 50 से 500 एमबी डाटा तक ही खर्च करेगी। साथ ही इस एप में प्रेजेंटेशन देने वाले को स्क्रीन शेयर करने की भी जरूरत नहीं है। वह सीधे प्रजेंटेशन को अपलोड कर सकता है। सरकार ने इस एप को जेईएम पोर्टल पर उपलब्ध कराया है।