कार्यकर्ता के लिए 1 लाख तो सहायिका के लिए 50 हजार की रिश्वत की पेशकश...जनप्रतिनिधियों ने लगाए आरोप...!
जशपुर. जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यकर्ता, मिनी कार्यकर्ता , सहायिका के सैकड़ों रिक्त पद भरे जा रहे हैं। ऐसे में चर्चा इस बात की हो रही है कि भर्ती के लिए तगड़ी सेटिंग हो रही है । चर्चा इस बात की भी है कि कार्यकर्ता के लिए जहां ₹1 लाख रुपए में काम हो जाएगा तो वही सहायता के लिए ₹50000 मैं काम बन जाएगा । कुछ जनप्रतिनिधियों की ओर से ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं। भर्ती से जुड़े कन्टेनमेन्ट जोन में कई गांव , टोले ,पारे आने से आवेदन जमा करने में परेशानी जा रही है। जिसको लेकर आपदा को अवसर में बदलने के लिए पद की खरीद-फ़रोख्त की आशंका बढ़ गई है ।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता , मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के लिए बगीचा विकासखण्ड में 44 रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हुई है । विज्ञापन के अनुसार 1 सितंबर से 15 सितंबर तक उम्मीदवारों को आवेदन जमा करना है ।
चूंकि सरकारी नौकरी है भले वेतन कम है लेकिन क्रेज बना हुआ है। जाहिर है 44 पद के लिए आवेदन काफी ज्यादा आएंगे । फिर भी यदि आप पद पाना चाहते हैं तो निराश होने की जरूरत नहीं है । बस विभाग में आपकी सेटिंग तगड़ी होनी चाहिए।
महिला बाल विकास विभाग से जुड़े सूत्रों की माने तो कोरोना संक्रमण में लगातार बढ़ोतरी के चलते बहुत सारी आवेदिकाएँ कन्टेनमेन्ट जोन में होने से कार्यालय आकर अपना आवेदन जमा नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में इसका फायदा उठाने के लिए विभाग से जुड़े लोग सक्रिय हो गए हैं। कुछ जनप्रतिनिधियों ने बताया कि दलालनुमा लोग अपने चहेते लोगों को गाँवों में भेजकर आवेदिकाओं से फार्म भरवा रहे हैं जिन्हें सीधे आफिस में जमा कर रहे हैं । नौकरी पाने की ललक में कार्यकर्ता पद का रेट 1 लाख तो सहायिका पद का रेट 50 हजार बताया जा रहा है। यही वजह है कि इस नियुक्ति में भारी गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए आवेदन जमा करने की समय – सीमा बढाने की मांग की जा रही है।