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छत्तीसगढ़ बड़ी खबर : जिला अस्पताल लैब टेक्नीशियन की भर्ती में हुई गड़बड़ी, सूची में 18 और चयन में 22 का नाम.. ! जिन अभ्यर्थियों के नाम नही थे उनके नाम भी चयन सूची में शामिल,-अभ्यर्थियों ने लगाया आरोप..!

सूरजपुर जिला अस्पताल का मानो विवादों से पुराना नाता हो, अस्पताल प्रबंधन पर आए दिन भ्रटाचार करने का आरोप लगता ही रहता है। पिछले वर्ष हुए भर्ती घोटाले मामला न्यायालय में चल रहा है।तो वहीं न्यू भर्ती कर रहे है। इसमें नियमों को ताक में रख कर भर्ती करने के सनसनी खेज मामला सामने आया है। हाल ही में जिला अस्पताल में चल रहे लैब टेक्नीशियन भर्ती में अभ्यार्थियों का कहना है कि दावा आपत्ति के समय जिन अभ्यर्थियों के नाम नही थे उनके नाम भी चयन सूची में शामिल कर लिया गया है।

जानकारी के अनुसार जिला चिकित्सालय में लैब टेक्नीशियन के 12 सविंदा पद के लिए आवेदन मंगाया गया था। जिसकी पात्र अपात्र सूची जारी कर दावा आपत्ति मंगाई गई थी। इस सूची में 18 अभ्यर्थियों के नाम शामिल है। परंतु जब चयन सूची जारी की गई तो ऐसे लोग चयनित किये गए जिनके नाम इस सूची में शामिल नही थे। बल्कि अपने करीबियों को अंदर से भर्ती कर दिया गया है।

स्वास्थ्य विभाग खुद को पाक साफ बता रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार भर्ती नियमानुसार हुई है। जहाँ तक बात सूची में 18 नाम और चयन में 22 का है तो जब आवेदन मंगाए गए उस दौरान 48 घण्टे के लिए दफ्तर सील किया गया था इस बीच कुछ स्पीड पोस्ट के डाक आये थे जो यहां रिसीव नही हुए और जब सूची जारी हुई तब अभ्यर्थियों को जानकारी लगी तो उन्होंने डाक विभाग से लिखित जानकारी दी। इस बिना पर उनके आवेदन को शामिल करना पड़ा।

इस सम्बंध में डीपीएम ने कुछ भी बताने से यह कर इंकार किया कि वे इसके लिए अधिकृत नही है और चयन सूची कमेटी ने तय किया है। जबकि मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आर एस सिंह के अनुसार भर्ती नियमानुसार किया गया है। चयन सूची ओर पात्र अपात्र सूची के अंतर पर उन्होंने कहा कि दफ्तर सील होने के कारण ऐसा हुआ है जो गलत नही है। उनके आवेदन आये थे पर डाक विभाग के कारण बिलम्ब हुआ।

जिसे उसे हमे स्वीकार करना पड़ा। चयन में कमेटी ने पूरे अध्ययन के बाद सूची जारी की है। जो भी हो इस सूची के झोलझाल के कारण कई पात्र दावेदार चयन से वंचित रह गए जिनमे इस चयन को लेकर आक्रोश है और वे जांच की मांग कर रहे है। बतादे की पिछले वर्ष संविदा से स्टाफ नर्स की भर्ती हुई थी जिसमें आवश्यकता से अधिक भर्ती कर दिया गया था। जो उच्च न्यायालय बिलासपुर में प्रकरण चल रहा है।


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