हाथरस मामले में बलात्कार के दोषियों के साथ-साथ उन प्रशासनिक अधिकारियों पर भी प्राथमिकी दर्ज कर कार्यवाही की जाए जिन्होंने इसमें लापरवाही की है : रूबी सिंह ठाकुर
उत्तर प्रदेश के हाथरस में जो घटना घटी उस पर प्रतिक्रिया देते हुए सामाजिक कार्यकर्ता एवं मानवाधिकार निगरानी समिति छत्तीसगढ़ जिला महासमुंद की सचिव रूबी सिंह ठाकुर ने कहा कि आज देश की बेटी के साथ पहले सामूहिक बलात्कार होता है फिर उसकी रीढ़ की हड्डी तोड़ दी जाती है और उसकी गर्दन तोड़ दी जाती है जुबान काट दी जाती है.
यह घटना देश को शर्मसार करने वाली घटना है साथ ही साथ उत्तर प्रदेश सरकार का बलात्कार पीड़िता का हफ्ता तक से अधिक समय बीत जाने पर भी प्राथमिकी ना दर्ज करना बलात्कार की घटना को झूठा बताकर प्रचारित करना तथा बलात्कार पीड़िता की मृत्यु के पश्चात उसके शव को परिजनों को ना सौंप पर आधी रात को पुलिस द्वारा शव जला दिया जाना निंदनीय तथा अमानवीय है तथा सीधे-सीधे मानव अधिकारों का हनन है कोई भी सरकार या उसके प्रशासनिक अधिकारी किसी परिवार जन से मृतक के अंतिम संस्कार का हक नहीं छीन सकते ऐसा करके हाथरस प्रशासन ने ना सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश को शर्मसार किया है. ऐसे प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही के साथ-साथ उन्हें तत्काल बर्खास्त कर गिरफ्तार किया जाना चाहिए.
इस घटना को लेकर महिलाओं में आक्रोश है ऐसी घटनाएं जब देश में घटित होती हैं तब तब देश की बेटियां अपने आप को असुरक्षित महसूस करती है यह डर तब और और बढ़ जाता है जब हम लोगों ने जिन्हें सुरक्षा की जवाबदारी दे है वे लोग अपनी जवाबदारीयों का निर्वहन नहीं करते और दोषी लोगों के साथ खड़े नजर आते हैं और क्रूर व्यवहार करते हैं जब तक ऐसे कड़े कानून नहीं बन जाते की पीड़िता के साथ जघन्य अपराध करने वालों के साथ साथ जिन्हें न्याय दिलाने की जवाबदारी मिली है वे अपने जवाबदारीओं का निर्वहन ना करें उन पर भी जगन ने अपराध के तहत मामला पंजीबद्ध कर सजा दी जानी चाहिए.
मानव अधिकार निगरानी समिति की जिला सचिव रूबी सिंह ठाकुर ने बताया की मानवाधिकार निगरानी समिति इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करता है और छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार से मांग करता है कि पीड़िता के परिवार को न्याय दिया जाए बलात्कार के दोषियों के साथ-साथ उन प्रशासनिक अधिकारियों पर भी प्राथमिकी दर्ज कर कार्यवाही की जाए जिन्होंने इसमें लापरवाही की है और पीड़िता के परिवार से पीड़ित मृतिका का अंतिम संस्कार का हक छीना है.
मानवाधिकार निगरानी समिति पीड़िता के परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास उत्तर प्रदेश में उनके परिवार से मिलकर कर रही है और पूरे देश के मानव अधिकार कार्यकर्ता पीड़िता के परिवार के साथ हैं.
सुश्री ठाकुर ने बताया ऐसे जघन्य अपराधों को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जा सकता सरकारों को अपने प्रशासनिक अधिकारियो यह बात समझानी होगी की अधिकारी कानून के दायरे में रहकर काम करें और कानून का पालन करें जब तक अधिकारी कानून का पालन नहीं करेंगे तब तक हम कितने भी कड़े कानून ले आएं उनका कोई महत्व नहीं है.