चीन अपने बाजार को लेकर दिखा रहा चालाकी, जर्मनी ने दी ये बड़ी चेतावनी
जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल (Angela Merkel) ने चीन को चेतावनी दी है कि यदि उसने अपने बाजार नहीं खोले तो यूरोपीय बाजारों (EU Market) में उसका प्रवेश भी सीमित कर दिया जाएगा. यदि कुछ क्षेत्रों में यूरोप के लिए चीन (China) अपने बाजारों में पाबंदी का रास्ता अपनाता है तो उसके साथ भी ऐसा ही व्यवहार किया जाएगा .
फाइनेंशियल टाइम्स में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की वैक्सीन उत्पादक कंपनियां खतरनाक रास्ते से चलते हुए दुनिया के वैक्सीन बाजार पर हावी होना चाहती है. पिछले महीने ही चीनी कंपनी सिनोफार्म ने दुनिया को चौंकाते हुए ऐलान किया था कि लाखों चीनी लोगों को पहले ही वैक्सीन दी जा चुकी है
जुलाई में चीन की सरकार ने दो कोरोना वायरस वैक्सीन के सीमित उपयोग की इजाजत दी थी जिनके फेज-3 ट्रायल अभी पूरे नहीं हुए हैं. ऐसा समझा जाता है कि चीन में हेल्थ वर्कर्स, सरकारी कर्मचारी और हाई रिस्क एरिया में ट्रैवल करने वाले लोगों को शुरुआत में वैक्सीन की खुराक दी गई.
अब चीन अपने वैक्सीन प्रोग्राम को विस्तार दे रहा है और बड़ी आबादी को
वैक्सीन लगाने जा रहा है. जबकि एक्सपर्ट इसे काफी खतरनाक रणनीति बताते हैं.
हालांकि, वैक्सीन के वैश्विक बाजार में पहुंचने की जल्दी की वजह से चीन
ऐसा फैसला कर रहा है.
चीन में प्रवेश की कई बाधाएं
दो दिवसीय यूरोपियन शिखर सम्मेलन के बाद साउथ चाइना मार्निंग पोस्ट से
बातचीत में मर्केल ने कहा कि हम चीन के साथ स्वाभाविक रूप से पारस्परिक
निवेश समझौता चाहते हैं. हमने पाया है कि चीन में प्रवेश में किए कई बाधाएं
हैं. इन पर भी आगे बात होगी .
हांगकांग मामले में चीन की आलोचना
जर्मनी की संसद को संबोधित करते हुए मर्केल ने हांगकांग (Hongkong) मामले
में चीन की आलोचना की थी. उन्होंने कहा कि चीन के लिए विकास की चुनौतियों
को देखते हुए यह लक्ष्य निश्चित रूप से महत्वाकांक्षी है और अपनी शर्तों पर
जीने के लिए हमें इनसे यूरोप (Europe) में भी प्रेरणा लेनी चाहिए. इस
विशेष शिखर बैठक में सभी सरकारी संस्थाओं के प्रमुखों ने चीन के मुद्दे पर
चर्चा की.