हाथरस कांड के बहाने योगी सरकार के खिलाफ बड़ी साजिश का खुलासा...! फंडिंग कर अराजकता फैलाने की कोशिश? सरकार को भेजी गई खुफिया जांच रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे आए सामने..
हाथरस कांड मामले में योगी सरकार को भेजी गई खुफिया जांच रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं. जांच एजेंसियों को योगी सरकार के खिलाफ खतरनाक साजिश के अहम सुराग मिले हैं. हाथरस के बहाने योगी सरकार को बदनाम करने के लिए बड़ी साजिश रचने की बात सामने आ रही है. खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में सांप्रदायिक दंगे भड़काने की साजिश भी रची गई थी. इसके लिए बाकायदा फंडिंग की बात भी सामने आई है.
बताया जा रहा है कि पीड़ित लड़की की जीभ काटे जाने, अंग भंग करने और गैंगरेप से जुड़ी तमाम अफवाहें उड़ा कर नफरत की आग भड़काने की कोशिश की गई. वहीं अफवाह फैलाने के लिए ढेरों वेरिफाइड सोशल मीडिया अकाउंट का भी इस्तेमाल किया गया. जांच एजेसियां वेरिफाइड अकाउंट्स का ब्योरा तैयार करने में जुटी हैं. PFI और SPDI के खिलाफ सबूत भी मिलने का ख़बर मिल रहा है जिसके जरिए अराजकता फैलाने के लिए फंडिंग की गई.
बताया गया कि हाथरस साजिश में CAA को लेकर हुए उपद्रव में शामिल रहे संगठनों की भूमिका के भी सबूत मिले हैं. उपद्रवियों के पोस्टर लगाए जाने, उपद्रवियों से वसूली कराए जाने और घरों की कुर्की कराने जाने की सीएम योगी की कार्रवाइयों से परेशान तत्वों ने बड़ी साजिश रची. इस दौरान कथित गैंगरेप पीड़ित लड़की से जुड़ी तमाम अफवाहें उड़ा कर मामले को तूल दिया गया.
अफवाहें फैलाने और नफरत पैदा करने के लिए चंडीगढ़ की लड़की की तस्वीर को हाथरस की बेटी की बता कर वायरल किया गया. एक बड़े चैनल के स्क्रीन शॉट में छेड़छाड़ करके तैयार किए गए नफरत भरे पोस्टर मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है. वहीं दंगे भड़काने की साजिश के लिए तमाम आपत्तिजनक और फोटोशॉप्ड तस्वीरों का भी जमकर इस्तेमाल हुआ है. दूसरे प्रांत की शवों की फोटोशाप्ड तस्वीरों को हाथरस की पीड़िता की तस्वीरें बताकर नफरत पैदा करने की कोशिश की गई. इस मामले में यूपी साइबर सेल ने केस दर्ज करते हुए आरोपियों की धरपकड़ के लिए टीमें लगी है.
उधर, हाथरस के पीड़ित परिवार को सरकार के खिलाफ भड़काने की साजिश का भी पर्दाफाश हुआ है, जिसके सबूत के तौर पर कई ऑडियो टेप पुलिस के हाथ लगे है. जांच एजेंसियों ने ऑडियो टेप का संज्ञान लेकर जांच शुरू कर दी है. ऑडियो टेप में कुछ राजनीतिक दलों के साथ ही कुछ पत्रकारों की भी आवाज शामिल है. इन ऑडियो टेप से पीड़ित परिवारों को सरकार के खिलाफ भड़काने के लिए 50 लाख से लेकर एक करोड़ रुपए तक का लालच दिया गया.
ऑडियो टेप से खुलासा हुआ है कि एक महिला पत्रकार ने सीएम से पीड़ित परिवार की बातचीत के तुरंत बाद परिवार को भड़काया, कहा अगर सीएम की बात मान ली तो पुलिस उल्टे तुम्हें ही अपराधी साबित कर देगी. इस बातचीत के बाद परिवार दहशत में आ गया. ऑडियो टेप की फोरेंसिक जांच रिपोर्ट आते ही भड़काने वालों का पॉलीग्राफ और नार्को की तैयारी में जांच एजेंसियां जुटी हैं।।