चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनावों के मद्देनजर एग्जिट पोल को लेकर जारी किए दिशा-निर्देश
चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनावों को देखते हुए एग्जिट पोल को लेकर दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। आयोग के आदेशानुसार 28 अक्टूबर, 2020 को सुबह 7:00 से 7 नवंबर, 2020 के शाम 6.30 बजे तक किसी भी एग्जिट पोल का संचालन करना और, प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से प्रकाशन या प्रचार करना और किसी भी एग्जिट पोल के परिणाम के संबंध में किसी भी अन्य तरीके से प्रसार निषिद्ध है। आयोग ने इस मामले में संबंधित पक्षों को आगाह किया है कि जिसने भी तय समय के दौरान एग्जिट पोल से संबंधित नियमों का पालन नहीं किया उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी इसमें उस मीडिया संगठन पर 48 घंटो तक रोक लगाई जा सकती है।
भारतीय जनता पार्टी ने बिहार में लोक जनशक्ति पार्टी की टिकट पर किस्मत आजमा रहे 9 भाजपा नेताओं को पार्टी विरोधी गतिविधि के लिए 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है। बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जयसवाल ने एक पत्र जारी कर दिनारा, रोहतास से चुनाव लड़ रहे राजेंद्र सिंह, पूर्व विधायक रामेश्वर चौरसिया, पूर्व विधायक पालीगंज उषा विद्यार्थी समेत नौ लोगों को पार्टी विरोधी गतिविधि की वजह से निष्काषित कर दिया है।
बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के लिए 71 निर्वाचन क्षेत्रों में कल नाम वापसी के आखिरी दिन कुल एक हजार पैंसठ उम्मीदवार चुनाव मैदान में रह गए हैं। इस चरण में कुल एक हजार 91 उम्मीदवारों के पर्चे वैध पाए गए थे, जिनमें से 26 प्रत्याशियों ने अपने नाम वापस ले लिए। इस बीच, बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए 52 हजार से अधिक दिव्यांगजनों और 80 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों ने मतदान के लिए डाक मतपत्र की सुविधा का उपयोग करने का फैसला किया।
इन मतदाताओं को रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा पूर्व-सूचित तारीखों पर डाक मतपत्र उपलब्ध कराए जाएंगे और मतदान प्रक्रिया में गोपनीयता, सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। यह पहली बार है जब बिहार विधानसभा चुनाव में डाक मतपत्र की सुविधा इन दोनों श्रेणियों में दी जा रही है।