भारत में कोविड से स्वस्थ होने की दर विश्व में सबसे अधिक 86.78 प्रतिशत
सरकार ने कहा कि देश में इस समय कोविड-19 से स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या 62 लाख से अधिक है। यह दुनिया में सबसे अधिक है। भारत में स्वस्थ होने वालों की दर विश्व में सर्वाधिक 86 दशमलव सात आठ प्रतिशत है। मीडिया को जानकारी देते हुए स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने बताया कि भारत में लगातार सक्रिय मामलों में गिरावट जारी है।
स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि वर्तमान में देश में सक्रिय मामलों की संख्या आठ लाख 38 हजार सात सौ 29 है। उन्होंने यह भी कहा कि सक्रिय मामलों की दर लगातार पांचवें दिन नौ लाख से नीचे है। कोविड-19 के नमूनों के परीक्षण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और दूसरी ओर कोरोना के पॉजिटिव मामलों की दर में भी लगातार गिरावट देखी जा रही है।
स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि देश के 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में राष्ट्रीय औसत से प्रति दस लाख आबादी पर अधिक परीक्षण किए गए। यहां कोरोना के पॉजिटिव मामलों की दर भी राष्ट्रीय औसत से कम है। उन्होंने कहा कि देश के कोविड-19 कुल सक्रिय मामलों में 10 राज्यों की हिस्सेदारी 79 प्रतिशत है। उन्होंने यह भी बताया कि महाराष्ट्र, कर्नाटक और केरल में अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की तुलना में अधिक सक्रिय मामले हैं।
नीति आयोग में स्वास्थ्य सदस्य डॉक्टर वी. के. पॉल ने कहा कि कोविड-19 के प्रभाव में स्थिरता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को स्वच्छता के मामले में अधिक सावधानी बरतना जरूरी है क्योंकि यह एक श्वसन वायरस है और अधिकांश वायरस सर्दियों के दौरान ही पनपते हैं। उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान एहतियात बरतना तथा मास्क लगाना अनिवार्य है।
सूचना और प्रसारण सचिव अमित खरे ने मीडिया की सराहना की और कहा कि मीडिया ने देश भर में कोविड-19 के खिलाफ उठाए जाने वाले एहतियाती कदमों का संदेश देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था पटरी पर आ रही है और लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। सूचना और प्रसारण सचिव ने कहा कि इसके मद्देनजर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तीन संदेशों--मास्क पहनने, सुरक्षित दूरी बनाए रखने और हाथों की स्वच्छता बनाए रखने का जन आंदोलन शुरू किया गया।
अमित खरे ने कहा कि सभी को नए मानकों के साथ तालमेल बिठाना होगा जिसमें घरों में रहने के स्थान पर सुरक्षित बाहर निकलना, अनिवार्य रूप से मास्क पहनना, हाथ-मुहं साफ रखना तथा सुरक्षित दूरी बनाए रखना शामिल है। उन्होंने कहा कि एक सघन जन आंदोलन शुरू किया गया है और इसका लक्ष्य देश के 90 करोड़ लोगों तक पहुंचना है।