कलेक्टर चन्दन कुमार के निर्देशानुसार विकासखण्डों में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाकर मरीजों का किया गया उपचार
कोरोना महामारी से जहॉ पूरा विश्व परेशानियों
का सामना कर रहा है और उससे बचने के लिए लोग सामाजिक दूरी बनाये हुए हैं
तथा तरह-तरह के भ्रांतियों के कारण स्वस्थ्य केन्द्रों मे इलाज कराने के
लिए परहेज करने लगे हैं, जिससे सामान्य बीमारियों का गंभीर रूप लेने का
खतरा बना हुआ है। स्वस्थ्य केन्द्रों मे मरीजों की संख्या मे कमी को देखते
हुए कलेक्टर श्री चन्दन कुमार के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा एवं
स्वस्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एल. उईके के मार्गदर्शन में जिले के प्रत्येक
विकासखंडों मे सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वस्थ्य केन्द्रों की टीम द्वारा 21
नवम्बर से लगातार विशेष स्वस्थ्य शिविरांे का आयोजन किया जा रहा है।
स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के लिए खण्ड चिकित्सा अधिकारियों द्वारा
स्वस्थ्य कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जा रही है। शिविरों के लिए विकासखंड
के ऐसे ग्रामों का चयन किया जा रहा है जो विरल एवं दूरस्थ क्षेत्रांे में
हो, साथ ही ऐसे ग्रामों को भी चिन्हांकित किया जा रहा है जहां पर मरीज ईलाज
कराने के लिए स्वस्थ्य केंद्र नहीं आ रहे हैं तथा उन ग्रामों से स्वास्थ्य
केंद्र की दूरी लगभग 10 से 15 किलोमीटर है।
उल्लेखनीय है कि 21 नवंबर से अब तक जिले में 149 विशेष स्वास्थ्य शिविरों
का आयोजन किया गया है, जिसमे 3 हजार 673 मरीजों का उपचार किया गया है।
इनमें ए.एन.सी. मरीजों की संख्या 171, संभावित टी.बी. के मरीज 29, कुष्ठ
एवं अन्य बीमारियों के 978 मरीजों का उपचार किया गया है। अंतागढ़ विकासखण्ड
में आयोजित शिविरों में 785 मरीज, भानुप्रतापपुर में 672, चारामा में 1975,
दुर्गूकोंदल में 375, कोयलीबेड़ा में 558, नरहरपुर में 489 और कांकेर
विकासखण्ड में आयोजित स्वास्थ्य शिविरों में 276 मरीजों को उपचार किया गया
है।