रक्तदान सेवा समिति ने अब तक 65 हजार जरूरतमंदों तक निःशुल्क ब्लड उपलब्ध करवाया.
आपका रक्तदान थैलीसीमिया या एनीमिया की बीमारी से जूझ रहे मासूम बच्चों की जिंदगी में मुस्कान ला सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक इन मासूमों के शरीर में खून बनना बंद हो गया है या फिर खून बनने की रफ्तार बेहद धीमी है ऐसे में इनकी जिंदगी बचाने के लिए डाक्टरों को काफी जद्दोजहद करनी पड़ती है। बच्चों की जिंदगी बचाने के लिए इन बच्चों के शरीर में प्रतिमाह खून चढा़ना पड़ता है। जो न सिर्फ परिजनों के लिए मुसीबत भरा पहलू है वरन इलाज कर रहे चिकित्सकों के लिए भी खासी मुसीबत भरा कदम है। ऐसे में इन मासूमों की जिंदगी पर संकट न आएं, आओ हम सब मिलकर रक्तदान करें ताकि इन मासूमों को नई जिंदगी देकर खुशी का रंग भरा जा सके। अपने इसी सामाजिक सरोकारों के साथ ‘रक्तदान सेवा समिति छत्तीसगढ़’ की ओर लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करने की अनूठी पहल की गई है। रक्तदान के साथ ही रक्तदाताओं को उनके ब्लड ग्रुप व हीमोग्लोबिन से संबंधित जानकारियां मिलेंगी।
यही वाक्या है सरायपाली में 15 साल का बच्चा असहाय मां इलाज में सब घर ज़मीन बेच चुकी है ब्लड बैंक को देने के लिए पैसा नहीं था जिन्हे ब्लड की सख्त जरूरत थी जिसकी जानकारी ''रक्तदान सेवा समिति'' के संचालक अनीश सूरजाल को मिली उन्होंने अपने सारे काम छोड़कर सीधे सरायपाली के लिए निकल पड़े और एक यूनिट रक्तदान कर बच्चे के चेहरे में मुस्कान लेने का प्रयास किया।
इसी तरह '' रक्तदान सेवा समिति छत्तीसगढ़ '' के संचालकों द्वारा पूरे छत्तीसगढ़ में रक्तदान के क्षेत्र में प्रयास जारी है अभी तक समिति के द्वारा 65 हजार जरूरतमंदों तक निःशुल्क ब्लड उपलब्ध किया जा चुका है एवं समिति 60 संचालक सदस्य निरंतर रक्त के जरूरतमंदों को ब्लड उपलब्ध कराने के हेतु सदैव प्रयासरत हैं, जिसमे मुख्य रूप से मुस्तफिज आलम,पुरूषोत्तम प्रधान समिति के आधार हैं साथ में सभी सदस्य अनीश सुरजाल,पदमन पटेल,देवराज लोहा,रितेश साहू,लोकेश सिंह, बारीक,उमेश सामल,उत्तम कटार, पंकज मिश्रा,गोपाल राजपूत,नवीन साहू,आकाश राजपूत,ओमप्रकाश बघेल,सोहन सिदार, झनकराम मीरी, सुनील सागर,जगन्नाथ साहू, पवन कुमार, आदित्य मोहन पंडा, धर्मेंद्र,मोहन, योगेश साहू, मायाराम साहू, हेमनाथ सिदार, विनय राणा, अनूप, गुमान सिंह, पद्मन पटेल छाता,मनीष पटेल, पुरुषोत्तम यादव, विक्की विशाल, पूर्णचंद पटेल.