सरायपाली : लमकेनी में पटवारी के फर्जी सील के सहारे फर्जी पट्टा बनाकर लोन निकालने वालों के ऊपर हो सकता है एफआईआर.
बसना थाना अंतर्गत ग्राम लमकेनी में श्रीराम प्रधान और उनके कुछ सहयोगियों द्वारा पंजाब नेशनल बैंक सरायपाली से पटवारी के फर्जी सील औऱ साइन के सहारे फर्जी फार्म C, बी1, नक्शा, खसरा का आवेदन देकर 4.40 हेक्टेयर पर पटवारी का फर्जी सील और साइन करके पंजाब नेशनल बैंक से लोन निकाल लिया था.
शिकायतकर्ताओ से मिली जान जानकारी के अनुसार ग्राम लमकेनी का श्रीराम पिता महेश्वर वर्ष 2017 में फर्जी फार्म C, बी1, नक्शा, खसरा का आवेदन देकर 4.40 हेक्टेयर पर पटवारी का फर्जी सील और साइन करके लोन निकाल लिया था.
मामला उजागर होने के बाद उसने लोन की राशि तो चूका दी लेकिन फर्जी तरीके से लोन निकालने पर अब उसपर कार्यवाही की जा रही है. वहीं इस मामले में कुछ और लोगों के शामिल होने का भी अंदेशा है. जो कि एफ.आई.आर होने के बाद पुलिस जाँच में खुलासा किया जा सकता है.
मामले में सरायपाली टीआई वीणा यादव ने बताया कि मामले में जांच पड़ताल किया जा रहा है, गावाहो से बयान लिया जा रहा है सबूत के आधारों पर कार्यवाही किया जाएगा.
पंजाब नेशनल बैंक शाखा सरायपाली जिला महासमुंद से एक व्यक्ति का फर्जी पट्टा बनाकर लोन निकालने की शिकायत अनुविभागीय अधिकारी सरायपाली से की गई थी.
आपको बता दें की पूर्व में किये गए शिकायत के अनुसार वर्ष 2017 में प्रमोद प्रधान पिता विद्याधर प्रधान के नाम का फर्जी पट्टा बनाकर कुल 3 लाख रु ऋण ले लिया गया था. इस बात की जानकारी प्रमोद को तब हुई जब वह धान बेचने के लिए पट्टा ऑनलाइन करवाने पटवारी के पास गया था. जहाँ पटवारी ने कहा कि आपके पट्टे में ऋण लिया गया है इसलिए धान बेचने के लिए ऑनलाइन संभव नही है. खसरा नम्बर 191 सत्र 2017 से बंधक है.
मामले में शिकायतकर्ताओं ने बसना थाना और सरायपाली एसडीएम कुणाल दुतावात से शिकायत किया, जिसके बाद एसडीएम दुतावात ने मामले को गम्भीरता से लेते हुए सरायपाली थाना को सम्बंधित लोगो के खिलाफ अपराध दर्ज करने का निर्देश दिया है.
मामले में जांच पड़ताल जारी है, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 1 शिक्षक का भी इस मामले में हाथ है. मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद ही खुलासा होगा कि कौन-कौन लोग इसमें शामिल हैं.