आधुनिक देश का दकियानूसी पंचायत, दुष्कर्म पीड़िता को गांव से निकल जाने का नोटिस किया चस्पा, आये दिन घर छोड़ने की दी जाती है धमकी
एक तरफ ग्रामीण छेत्रो को जहाँ संस्कार संस्कृति और परंपरा बचाये रखने का श्रेय दिया जाता है वही दूसरी तरफ इन्ही ग्रामीण छेत्रो में सबसे ज्यादा कुरीति भी देखि जाती है मामला है महाराष्ट्र के गांव के पंचायत नियम की जहाँ ऐसी बात सामने आयी है जिससे किसी भी सामान्य व्यक्ति के तर्क विचार अँधेरे में खत्म हो जायेंगे , जी हाँ पंचायत मुखिया इस गाँव में एक दुष्कर्म पीड़ित महिला को इस बात की सजा मिल रही है की उसका दुष्कर्म किया गया बजाय इसके अगर यही सजा आरोपी को दिया जाता तो सुधर भी संभव थे, फिर यही व्यक्ति कानून से सख्त सजा की मांग करते नजर आएंगे.
मामला है महाराष्ट्र के गांव के पंचायत नियम की जहाँ ऐसी बात सामने आयी है जिससे किसी भी सामान्य व्यक्ति के तर्क विचार अँधेरे में खत्म हो जायेंगे , जी हाँ पंचायत मुखिया इस गाँव में एक दुष्कर्म पीड़ित महिला को इस बात की सजा मिल रही है की उसका दुष्कर्म किया गया बजाय इसके अगर यही सजा आरोपी को दिया जाता तो सुधर भी संभव थे, फिर यही व्यक्ति कानून से सख्त सजा की मांग करते नजर आएंगे
मामला है महाराष्ट्र के गांव के पंचायत नियम की जहाँ ऐसी बात सामने आयी है जिससे किसी भी सामान्य व्यक्ति के तर्क विचार अँधेरे में खत्म हो जायेंगे , जी हाँ पंचायत मुखिया इस गाँव में एक दुष्कर्म पीड़ित महिला को इस बात की सजा मिल रही है की उसका दुष्कर्म किया गया बजाय इसके अगर यही सजा आरोपी को दिया जाता तो सुधर भी संभव थे, फिर यही व्यक्ति कानून से सख्त सजा की मांग करते नजर आएंगे
मामला है महाराष्ट्र के गांव के पंचायत नियम की जहाँ ऐसी बात सामने आयी है जिससे किसी भी सामान्य व्यक्ति के तर्क विचार अँधेरे में खत्म हो जायेंगे , जी हाँ पंचायत मुखिया इस गाँव में एक दुष्कर्म पीड़ित महिला को इस बात की सजा मिल रही है की उसका दुष्कर्म किया गया बजाय इसके अगर यही सजा आरोपी को दिया जाता तो सुधर भी संभव थे, फिर यही व्यक्ति कानून से सख्त सजा की मांग करते नजर आएंगे,मामला है महाराष्ट्र के गांव के पंचायत नियम की जहाँ ऐसी बात सामने आयी है जिससे किसी भी सामान्य व्यक्ति के तर्क विचार अँधेरे में खत्म हो जायेंगे , जी हाँ पंचायत मुखिया इस गाँव में एक दुष्कर्म पीड़ित महिला को इस बात की सजा मिल रही है की उसका दुष्कर्म किया गया बजाय इसके अगर यही सजा आरोपी को दिया जाता तो सुधर भी संभव थे, फिर यही व्यक्ति कानून से सख्त सजा की मांग करते नजर आएंगे