न्यायालय परिसर गली में पसरा कचड़ा, बिना साफ किए छोड़ कर चले जाते है लिए नगर पंचायत के कर्मचारी
जशपुर जिला मे– भारत सरकार द्वारा आरम्भ किया गया राष्ट्रीय स्तर का अभियान स्वच्छ भारत मिशन के तहत गलियों, सड़कों तथा अधोसंरचना को साफ-सुथरा करना और कूड़ा साफ रखना है। यह अभियान 2 अक्टूबर, 2014 को आरम्भ किया गया है। उसी योजना के तहत छत्तीसगढ़ के सभी नगरीय निकायों में गलियों को साफ सुथरा रखने के लिए सभी चौक चौराहो पर करोड़ो रूपये खर्च कर डस्टबिन रिहायसी इलाको के लगाया जा रहा है। लेकिन बगीचा नगर पंचायत में इसका नजारा कुछ अलग ही देखने को मिल रहा है।
नगर पंचायत के कर्मचारी कोरम पूर्ति करने के लिए कहि भी लगा कर चले जा रहे है, जहाँ जरूरत है और पब्लिक की डिमांड है वहाँ लगाया ही नही जा रहा है, इस बात की जानकारी जब नगर पंचायत बगीचा के सी एम ओ को दी गयी तब सिर्फ दो दिन से लगा देने की आश्वासन दिया जा रहा है। अब देखना होगा कि शासन के पैसों का सही उपयोग हो रहा है या फिर यू ही बंदरबाट कर राशि को डकार लिया जाएगा।
आपको बता दे कि यह मामला नगर पंचायत बगीचा के वार्ड क्रमांक 01 न्यायालय परिसर गली का है, जो कि कचड़े से भरा पड़ा है, और इस वार्ड के सफाई के लिए नगर पंचायत के कर्मचारी तो आते जरूर है लेकिन न्यायालय परिसर के अंदर को सफाई कर चले जाते है, बाहर को यू ही बिना साफ किए छोड़ कर चले जाते है और बोलने पर हमें अंदर की ही जिम्मेदारी दी गयी है ऐसा कर्मचारियों का जवाब होता है जिसका खामियाजा मोहल्ले वासी को भुगतना पड़ रहा है, नगर पंचायत में लाखों रुपये खर्च कर SLRM सेंटर भी बनाया गया है लेकिन वहाँ के भी कर्मचारी नही आते है।
राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी ने देश को स्वच्छ बनाने के लिए जो सपना देखा था उसे पूरा करने का बीड़ा देश के प्रधानमंत्री मोदी ने उठाया है और ऐसे ही योजना के नाम पर बंदरबाट होता रहा तो ‘स्वच्छ भारत’ का उनका सपना पूरा नहीं होगा।