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महिला व बाल विकास विभाग एवं पुलिस प्रशासन के सहयोग से नाबालिग लड़की का बाल विवाह रोका गया.

जशपुर जिला सन्ना तहसील में जशपुर कलेक्टर महादेव कावरे के मार्गदर्शन में जिले में बाल विवाह की रोकथाम हेतु पूर्व वर्षों में तैयार की गई कार्ययोजना में जिले के दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों में बाल विवाह होने के मामले पाए गए है। इस वर्ष भी इन इलाकों में होने वाले वैवाहिक आयोजनों में बाल विवाह की संभावना को देखते हुए इसकी रोकथाम हेतु विशेष सावधानी बरती गई हैं।

जिसके फलस्वरूप महिला व बाल विकास विभाग एवं पुलिस प्रशासन की सहयोग से विकासखण्ड बगीचा के सन्ना तहसील अंतर्गत के ग्राम पंचायत कोपा में एक नाबालिग लड़की का बाल विवाह होने से रोका गया।

उल्लेखनीय है कि सन्ना तहसील के ग्राम कोपा की नाबालिक लड़की जिसका जन्मतिथि मार्कसीट के अनुसार 16 अप्रैल 2004 है का विवाह तहसील सन्ना के ग्राम कन्दराई के एक लड़के के साथ 15 मई 2021 को होने जा रहा था। इसकी सूचना मिलते ही महिला व बाल विकास एवं पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा लड़की के घर पहुंचकर किशोरी के पिता से शादी के कार्यक्रम को तत्काल रोकने को कहा गया और किशोरी का जन्म प्रमाण पत्र मांगा गया।

लड़की के पिता ने पुत्री का जो शैक्षणिक प्रमाणपत्र दिखाया था, उसमें उसकी आयु 18 वर्ष नहीं हुई थी। इस पर टीम द्वारा प्रशासनिक सहयोग से बाल विवाह को रोकते हुए लड़की सहित उसके पूरे परिवार वालो को बाल विवाह से होने वाले दुष्प्रभाव के संबंध में जानकारी दी गयी। टीम द्वारा लड़की के माता-पिता को बाल विवाह के संबंध में पूरी प्रक्रिया समझायी गयी साथ ही बताया गया बाल विवाह एक कानूनन अपराध है साथ ही लड़की का विवाह 18 वर्ष से पूर्व ना करने की समझाईश दी गई।

लड़की के परिजनों ने भी अपनी गलती स्वीकार करते हुए भविष्य में किसी भी स्थिति में बाल विवाह नहीं करने की बात कही। साथ ही अपनी लड़की की उम्र 18 वर्ष पूरे होने के बाद ही शादी करने की बात कही। टीम के सदस्यों द्वारा लड़की के बालीक होने तक संबंधित क्षेत्र के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं वार्ड पंच के माध्यम से उसकी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए है।


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