लाखों के भ्रष्टाचार पर महिला बाल विकास अधिकारी के अनशन के बाद हुई कार्रवाई, निलंबित हुए 2 सुपर वाइजर
महिला बाल विकास विभाग की जांच अधिकारी ने बताया कि महिला बाल विकास के
अधिकारी ने जो शिकायत की थी, वह प्रथम दृष्टया सही पाई गई। इस पर जांच
समिति ने कार्रवाई करते हुए महिला बाल विकास के 2 सुपरवाइजर और आंगनबाड़ी
केंद्रों को रेडी टू इट सप्लाई करने वाले दो महिला समिति पर कार्रवाई की
है। राज्य शासन ने मंगलवार को 2 सुपरवाइजर शशि जायसवाल और दीपमाला तारक को
निलंबित कर दिया गया है। वही दो महिला समूह जिनके माध्यम से रेडी टू ईट की
सप्लाई की जा रही थी उन समितियों पर कार्यवाही करते हुए उनकी पेमेंट रोक
दी गई है। अनशन पर बैठे महिला बाल विकास अधिकारी को जांच अधिकारी और
कलेक्टर ने जूस पिला कर उनका अनशन समाप्त करवा लिया है।
16 मई को महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी सुधाकर बोडले ने अपने निवास
स्थान पर अनशन कर पूरे प्रदेश की जनता का ध्यान अपनी और खींच लिया था।
मामला प्रदेश के राजधानी तक पहुंचा और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.रमन
सिंह ने महिला बाल विकास विभाग महासमुन्द में हुए लाखों के भ्रष्टाचार पर
प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से निष्पक्ष जांच की मांग की थी। भूपेश
सरकार ने मामले पर तत्काल एक समिति बनाकर जांच के आदेश दे दिए।