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मौसम आधारित कृषि सलाह कृषि विज्ञान केन्द्र जशपुर ने किया जारी, जिले के 2000 कृषक सीधे व्हाट्सऐप से प्राप्त कर रहे वैज्ञानिक सलाह

मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान के अनुसार जशपुर जिले का मौसम अगले पाॅंच दिनों तक शुष्क रहने एवं इस दौरान आसमान में हल्के से मसान्यतः घने बादल छाये रहने की सम्भावना है। सुबह की हवा में 85-85 प्रतिशत आर्द्रता तथा दोपहर 30-45 प्रतिशत आर्द्रता होने के साथ-साथ अधिकतम तापमान 36.0-38.0 डि.से. एवं न्यूनतम तापमान 23.0-24.0 डि.से. रहने की सम्भावना है और वहीं हवाओं के उत्तरपश्चिमी दिशाओं से 4-5 कि.मी.प्रति घण्टे की गति से चलने की सम्भावना है ।
कृषि मौसम विशेषज्ञ श्री एस.के. भुआर्य बताते है कि अगले दो से तीन दिनों में मौसम शुष्क एवं आसमान साफ होने से अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की वृद्धि की संभावना है इसके पश्चात् पुनः आसमान में सामान्यतः घने बादल छाये रहने से उमस भरा मौसम रहने अनुमान है । इस साल केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआत 31 मई को 4 दिनों की मॉडल त्रुटि के साथ होने की संभावना है तथा इसकी 21 जून को सरगुजा संभाग पहुंचने एवं सामान्य वर्षा होने का अनुमान है।

समन्वित कृषि वैज्ञानिक सलाह-
• पिछले वर्षा से खेतो में नमी है अतः धान का थरहा तैयार करने के लिए अच्छी तरह जुताई कर भुरभुरी खेत तैयार रखें । इस प्रक्रिया से खरपतवार काफी हद तक नष्ट हो जाते तथा खेत तैयार रहने से जून के प्रथम सप्ताह में थरहा तैयार करने के लिए बुआई कर सकते हैं ।
• वर्षा से खेतो में नमी है अतः खेतों की गहरी जुताई करें तथा धान, मक्के, अरहर , मूंगफल्ली की उन्नतशील किस्मों के बीज तथा खाद उर्वरकों की व्यवस्था करें । मूंगफल्ली का सफेद लट मई में बरसात के बाद गहरी जुताई करने से अण्डे एवं छोटी लटें नष्ट हो जाती है
• खरीफ की लता वाली सब्जी जैसे लौकी, कुम्हड़ा को पालिबैग में पौधा तैयार करें । करेला, बरबट्टी लगाने हेतु अच्छी किस्म का चयन कर मेड़ नाली पद्धति से फसल लगाना सुनिश्चित करें, कुंदरू व परवल लगाने हेतु खेत तैयार करें
• पिछली बारिश फलदार पौधे लगाने के लिए गड्ढे खोदने में मददगार होगी । नये फल उद्यान हेतु तैयारी करें, फलदार वृक्षों हेतु निर्धारित दूरी पर गड्डे खोदकर छोड़ देवें । अच्छे किस्मों की पौध सामग्रियों की व्यवस्था करें ।
• दुधारू पशुओं के आहार में दाना मिश्रण की मात्रा बढ़ा दें तथा पशुशेड एवं मुर्गी शेड की मरम्मत करा लें ताकि बारीश में पानी टपकने की समस्या न हो । टेक्टर एवं टेक्टर चालित यंत्रों सीड ड्रिल, हैरो, फार की जांच कर लें एवं रिपेयर की आवश्यकता हो तो करा लें ।


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