जशपुर : कृषि विज्ञान केन्द्र जशपुर द्वारा जल शक्ति अभियान के तहत आनलाइन कृषक प्रशिक्षण संपन्न।
दिनांक 27/05/2021 को कृषि विज्ञान केन्द्र जशपुर द्वारा जलशक्ति अभियान के तहत कृषि वैज्ञानिकों ने जल संरक्षण एवं फसलों में जल का समुचित उपयोग के विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख श्री राकेश कुमार भगत ने जल संरक्षण के विभिन्न तकनीक को विस्तार से बताया साथ ही श्री प्रदीप कुजूर विषय वस्तु विशेषज्ञ (उद्यानिकी) ने सब्जी वर्गीय फसलों एवं फलो की खेती में ड्रिप सिंचाई पद्धति के बारे में विस्तृत जानकारी दी। ड्रिप सिंचाई से पानी की काफी बचत होती है पौधों को जरूरत के हिसाब से पानी मिलता है जिससे खरपतवार कम निकलते है साथ ही मजदूरी ने होने वाले खर्च में भी कमी आती है ड्रिप के माध्यम से पौधों को उर्वरक भी देने में आसानी होती है तथा फसल उत्पादन में भी बढ़ोतरी होती है।
साथ ही मल्चिंग के प्रयोग से भी काफी हद तक मृदा की नमी को संरक्षित किया जाता है। कृषक फसल अवशेष का आच्छादन करके मृदा नमी सुरक्षित रख सकते है एवं पॉलीथिन का भी प्रयोग कर सकते है इससे खरपतवार भी नियंत्रित रहता है। मृदा में कार्बनिक पदार्थ की बढ़ोतरी हेतु हरी खाद (ढेंचा), गोबर की खाद,नाडेप खाद के अधिक से अधिक प्रयोग हेतु कृषकों को सलाह दिया गया। इन खाद के प्रयोग से खेतों की मृदा संरचना में सुधार होता है मृदा की जल धारण क्षमता में वृद्धि होती है मृदा सूक्ष्म जीव की संख्या में वृद्धि होती है तथा केंचुओं के लिए अनुकूल वातावरण निर्मित होता है। साथ ही कृषि वैज्ञानिकों ने कम जल मांग वाली सब्जियों (ग्वारफली, सेम, बरबट्टी) फलों ( काजू, बेर, अमरूद, नींबू) की फसल लगाने हेतु सलाह दिया गया।