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सरकार का फैसला : प्रदेश में प्रारम्भ हो रहा नया शिक्षा सत्र

प्रदेश में 16 जून से नया शिक्षा सत्र प्रारम्भ हो रहा है। नए शिक्षा सत्र से शिक्षक एवं स्टाफ स्कूल आएंगे। वे शिक्षा सत्र से प्रारम्भ होने वाले सभी कार्यों को करेंगे। बच्चों के एडमिशन सहित अन्य कार्य को निपटाए जायेंगे। नया शिक्षा सत्र सिर्फ अभी शिक्षकों एवं स्टाफों के लिए शुरू हो रहा है, अभी बच्चों के स्कूल आने पर पूर्ण प्रतिबन्ध रहेगी। अभी बच्चों को स्कूल बुलाने पर कोई विचार नहीं चल रहा है। जब तक कोरोना संक्रमण सामान्य नहीं हो जाता तब तक बच्चों के लिए स्कूल नहीं खोला जाएगा।   प्रदेश में हालांकि 16 जून से नया शिक्षा सत्र प्रारम्भ हो रहा है , लेकिन बच्चों के बगैर अभी भी सुना - सुना रहेगा। कोरोना संक्रमण की स्थिति अभी सामान्य नहीं होने के कारण केवल शिक्षकों के लिए ही स्कूल खोला जायेगा। ताकि नए सत्र से विभागीय कार्य को कर सकें। शिक्षा मंत्री ने अपने बयान में बताया की अभी बच्चों को स्कूल बुलाये ऐसी स्थिति में नहीं है , क्योंकि बच्चों की स्वास्थ्य की चिंता है। स्थिति सामान्य होने पर ही बच्चे स्कूल आएंगे। 

प्रदेश में अभी जिस प्रकार से कोरोना संक्रमण की स्थिति है उस स्थिति में स्कूल खोलकर बच्चों को बुलाए जाने को लेकर सरकार के ही मंत्री सहमत नहीं है। स्वास्थ्य मंत्री श्री टीएस सिंह देव ने कहा कि अभी स्कूल खोलकर बच्चों को रिस्क में डालने की कोई आवश्यकता नहीं है। मै स्कूल खोलने के समर्थन में नहीं हूँ। तीसरी लहर में बच्चों के संक्रमण होने की अधिक सम्भावना जताई है , ऐसे में स्कूल खोलना परेशानी में डाल सकती है। वही वरिष्ठ नेता एवं कृषि मंत्री श्री रविंद्र चौबे ने कहा कि वे स्कूल खोलने में जल्दबाजी के पक्ष में नहीं है ,उन्होंने कहा कि स्कूल तभी खुलेंगे जब संक्रमण दर न्यून हो जाएगी। प्रदेश में अभी कोरोना संक्रमण समाप्त नहीं हुआ है जिस कारण से विभाग ने स्कूल खोलने के सम्बन्ध में अभी कोई फैसला नहीं किया है और न ही कोई तारीख तय की गई है। अभी कोविड के मामले सिर्फ कम हुए है। सरकार के भरपूर प्रयासों से इसे कंट्रोल में लाया गया है। इस कारण से अभी बच्चों को स्कूल बुलाने का कोई औचित्य नहीं है। किसी का जीवन खतरे में नहीं डाला जाएगा। शिक्षकों एवं स्टाफों को कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से पालन करते करने के निर्देश जारी किये गए है। स्कूल खोलने के सम्बन्ध में केबिनेट बैठक में अंतिम निर्णय लिया जायेगा। प्रदेश में कोरोना महामारी के चलते पिछले 15 - 16 माह से स्कूल बंद है। बच्चों की पढ़ाई की पूर्ति हेतु ऑनलाइन क्लास, मोहल्ला क्लास, पढ़ाई तुहर दुआर, बुल्टू के बोल सहित अनेकों माध्यम से पढ़ाई कराया जा रहा है। हालाँकि इसमें कई कारणों से100 फीसदी सफलता हाथ नहीं लगी है। फिर भी बच्चों पढ़ाई की पूर्ति हेतु प्रदेश के शिक्षक शासन द्वारा दिए निर्देशानुसार पढ़ाई की पूर्ति हेतु भरसक प्रयास कर रहे है। कोरोना महामारी को देखते हुए राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा नए सत्र से ऑनलाइन पढ़ाने के सम्बन्ध में विस्तृत दिशा निर्देश जारी किये है। जारी आदेशानुसार बच्चों की कक्षावार व्हाट्सप्प ग्रुप बनाकर पढ़ाया जायेगा। साथ ही जिला स्तरीय टेलीग्राम ग्रुप में स्तर अनुसार शिक्षकों को जोड़ा जा रहा है ताकि विभिन्न स्टडी मटेरियल सहित अन्य जानकारियों का आदान प्रदान हो सके।