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प्राथमिक शाला स्कूल पत्थलगांव बीते दो सालों से जर्जर स्थिति में… स्कूल में बैठकर पढ़ने से डरते हैं बच्चे

जशपुर जिले में भले ही कोरोना महामारी के बाद से राज्य सरकार के फैसले पर प्रशासन स्कूलों को संचालित जरूर कर दिया है और बच्चे स्कूल जा कर पढ़ाई भी कर रहे है पर आज भी कोरोना काल के समय से जशपुर जिले के पत्थलगांव विकासखंड के शिवपुर गाँव का यह प्राथमिक शाला स्कूल बीते दो सालों से जर्जर स्थिति में पड़ा है जिसकी सूद लेना न शासन है और न ही प्रशासन बावजूद इसके इस प्राथमिक शाला स्कूल की जर्जर हालत को देख कर इस स्कूल के बच्चे स्कूल में बैठ कर पढ़ने से डरते है.

बीओ1- अगर बात करें तो बीते दो सालों से यह स्कूल पूरी तरह से जर्जर स्थिति में पड़ा है वहीं कोरोना काल मे लॉक डाउन लगने के बाद से स्कूल जरूर शुरू हुआ है परन्तु इस स्कूल के बच्चों में स्कूल की जर्जर हालत के चलते आसुविधाओं के बीच दूसरे कक्ष में बैठ कर पढ़ने को मजबूर है स्कूल हालत इतनी खराब है कि यहाँ के शिक्षक भी इस स्कूल में प्रवेश करने से डरते है इन स्कूली बच्चों के शिक्षक भी स्कूल की जर्जर स्थिति को देख कर अब इन बच्चों के जिन्दगी से खिलवाड़ न कर बच्चों को अतिरिक्त कक्ष में और स्कूल के बगल के माध्यमिक शाला में कुछ बच्चों को बैठा कर इस स्कूल के बच्चों को शिक्षा प्रदाय कर रहे है आपको बता दे कि शिवपुर गाँव मे एक ही प्राथमिक शाला स्कूल है जो पूरी तरह जर्जर होने के चलते खंडर के रूप में पड़ा है स्कूल को देख कर बच्चों के मन में किस कदर डर बना है आप खुद ही सुन लीजिए.

बाइट1- महिमा स्कूली छात्रा

बाइट2- खुशबु पैंकरा स्कूली छात्रा

बीओ2- आपको बता दे कि दरअसल इस प्राथमिक शाला में कुल 80 विद्यार्थी है बच्चों में पढ़ने के ललक भी जरूर है पर इन बच्चों के स्कूल की हालत देखते ही बच्चों के मन डर समा गया है आप देख सकते है कि इस स्कूल के छतों में पड़ी दरारों के कारण छत से छोटे छोटे छत के मलवे कभी कभी गिरते है स्कूल इस क़दर ख़राब हो चुका है कि अभी बरसात के दिनों में बारिश भी हो रही है स्कूल के छतों से पानी भी टपकता है हालांकि की शिक्षकों की सूझबूझ से बच्चों को इस स्कूल के बजाय स्कूल अतिरिक्त कक्ष में बैठाया जा रहा फ़िलहाल इस गाँव के सरपंच ने भी स्कूल की जर्जर हालत को देख स्कूल के मरम्मत कार्य के लिए जनपद पंचायत में प्रस्ताव जरूर दे दिया है  

वही स्कूल के शिक्षक भी स्कूल की जर्जर स्थिति को शिक्षा विभाग के अधिकारियों को लेटर के माध्यम से अवगत जरूर कराए है

बाइट3- गायत्री पैंकरा(महिला सरपंच शिवपुर)

बाइट4- सरजू पटेल (शिक्षक)

इधर बच्चो के परिजनों का भी कहना है कि स्कूल के ख़राब स्थिति के चलते यह स्कूल में बच्चों के बैठने के लायक भी नही है स्कूल की स्थिति सुधार जाता तो अच्छा होता वहीं परिजन भी स्कूल की हालत को देख कर नए स्कूल बन जाए इसकी आस लगा रहे हैं

बाइट5- मोहन साय (स्कूली बच्चों के परिजन)

पर आज तक किसी हालात में स्कूल के मरम्मत के लिए कहीं से कोई फंड नही आया है जब हमने पत्थलगांव विकास खंड के शिक्षा अधिकारी से इस स्कूल की जर्जर हालत को उन तक पहुंचाया तो आप खुद सुन लीजिए कि साहब का क्या कहना है

बाइट 5- डी.आर.भगत

फ़िलहाल अब एक आस मीडिया कैमरे पड़ने के बाद से इस स्कूल की बच्चों की स्कूल सुधार जाने की आस जगी है वहीं देखना होगा कि क्या प्रशासन की अब आँख खुलती है कि नही आख़िर कब तक इस स्कूल हालत कब तक सुधार पाती है और दुबारा से इस स्कूल में बच्चे कब दुबारा बैठ कर अपनी पढ़ाई शुरू कर पाते है.


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