जशपुर जिला पत्थलगांव में सर्पदंश से एक दिन में हुई दो लोगों ... - CG Sandesh

जशपुर जिला पत्थलगांव में सर्पदंश से एक दिन में हुई दो लोगों की मौत,मर्ग कायम कर जांच में जुटी पुलिस

पत्थलगांव सिविल अस्पताल में सर्पदंश से दो लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।मिली जानकारी के मुताबिक पहला मामला नजदीकी ग्राम बन्धनपुर बागबहार का है यहां के निवासी महिला बासो तिर्की पति दुलार रोजाना की तरह घर में जमीन में गद्दा लगाकर सोई थी देर रात उसे किसी काटने का एहसास हुआ जब उसने उठकर देखा तो कमरे में एक करेंत सांप घूम रहा था घर वालों को आवाज देकर उठाई इसके बाद सभी ने मिलकर सांप को डंडे से मार दिया जिसके बाद महिला की हालत बिगड़ते देख सकता उसे इलाज के लिए तत्काल मारुति वैन में पत्थलगांव सिविल अस्पताल लाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दूसरा मामला पत्थलगांव के नजदीकी ग्राम अलोला का है जहां की निवासी महिला संतोषी मालाकार पति अनिल मालाकार रोजाना की तरह सुबह 4 बजे सो कर उठी तो उसने अपने कमरे में सांप को घूमते पाया, सांप को देखने के बाद उसे अपने सीने में दर्द महसूस होना शुरू हो गया।

घरवालों को सूचना देने पर उसके शरीर में सांप के काटने का निशान देख तक तत्काल उसे पत्थलगांव सिविल अस्पताल लाया गया जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया दोनों ही मामले में पत्थलगाव क्षेत्र में पाए जाने वाले जहरीले सांप करेंट सांप की मौजूदगी पाई गई है विदित हो कि ग्रामीण इलाके में बरसात के मौसम में जहरीले सांप अपने बिल से बाहर निकलते हैं. सांप के बाहर आने से ग्रामीणों को भी खतरा बना रहता है, आए दिन सांप काटने की घटना सामने आती है. जिसमें कई पीड़ितों की मौत हो जाती है जबकि अधिकांश मामलों में कई ग्रामीण आज भी गांव में झाड़-फूंक कर मरीजों का इलाज कराते हैं. ऐसे में शरीर में सांप काटने के बाद जहर फैलने से यही समय पर इलाज के अभाव में पीड़ित की मौत हो जाती है.स्नेक केचर बबलू तिवारी बताते हैं कि जहां गंदगी रहेगी, पुराना सामान का जमावड़ा रहेगा, पत्थर और ईंट के ढेर, नदी तालाब के पास के क्षेत्र में करैत सांप का बसेरा रहता है. यह लार्वा से पनपता है और इसे चिती सांप भी कहते हैं

बरसात में घर के आसपास मिट्टी तेल का करे छिड़काव
बरसात आने पास सांप दूसरी जगह तलाशते हैं. नया घर और खाना की तलाश में चूहों के पीछे-पीछे वो कभी किसी के घर में, किसी के गोदाम या फिर कूड़े-कचरे में चला जाता हैं. इस दौरान किसी का पैर लगने या छेड़छाड़ के क्रम में सांप उसपर हमला करता है. स्नेक कैचर बबलू तिवारी बताते हैं कि सांप को मारना नहीं चाहिए. एहतियात के तौर पर बारिश के मौसम में घर साफ-सुथरा रखें, घर के आसपास मिट्टी तेल का छिड़काव करें. कुछ लोग कैमिकल का इस्तेमाल करते हैं, जिसका असर सांप के साथ-साथ इंसानों पर भी होता है.


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