चिकनिपानी में हाथी ने तीन घरों को किया क्षतिग्रस्त, रखे धान और गेहूं को खाया, धान और मक्का का फसल को पहुंचाया नुकसान
नौ सदस्यी हाथियों का गौतमी दल ने गुरुवार की देर रात चिकनिपानी में जमकर उत्पात मचाया। हाथी ने तीन घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया और वहां रखे धान, चावल और गेहूं को खा गया। वही मक्का और धान के फसल को भी नुकसान पहुंचाया है । लोगों ने हाथीयों को जंगल की ओर खदेड़ दिया। मिली जानकारी के अनुसार सरगुजा के मैनपाट वन परिक्षेत्र से लौटे 9 गौतमी हाथियों के दल ने चिकनिपानी के इमलीपारा गांव निवासी स्वर्गीय रामजीत चक्रवर्ती के पुत्र जगदीश चक्रवर्ती(पांडेय) के घर को क्षतिग्रस्त कर रहा था। आवाज सुनकर घर के सभी लोग नींद से जाग गए और हाथी को वहां से भगाया। इसके बाद कुछ दूर में ही ज्वाहिल डोम के कच्चे मकान को क्षतिग्रस्त कर दिया। आवाज सुन परिवार दौड़ के गांव की तरफ भागे और मदद के लिए लोगों को नींद से जगाया।
इसके बाद जाते- जाते हाथियों ने उसी गांव के रिमो कुजूर पति स्वर्गीय बूढ़ी कुजूर उनके घर को जमकर नुकसान पहुंचाया । यहां हाथीयों ने घर मे रखें चावल और गेहूं खा गया। घर को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया । साथ ही घर में रखे समान को भी बिखेर दिया। घटना से ग्रामीणों में भय का माहौल है । चिकनिपानी कि सरपंच रामप्रसाद बघेल ने बताया कि हाथियों के दल सरगुजा के मैनपाट परिक्षेत्र से विचरण करते हुए कूलकेल खजड़ी में आया था । कुछ दिनों तक रुकने के बाद बीते दिनों झंडाघाट के जंगलों में रुका था । वही कल शाम से सराईटोला सब्जी मंडी के तरफ बिचरण करते देखा गया । जहाँ बीती देर रात करीब 1 बजे से चिकनिपानी पहुंचकर तीन घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया । जहां करीब 3 घन्टो तक जमकर उत्पाद मचाया । वही धान व मक्का के फसल को नुकसान पहुंचा दिया है । लोगों ने आशंका जताया है कि हाथियों के दल अभी कोयला पहाड़ी के जंगलों में हो सकता है । हालांकि वन विभाग को कॉलर आईडी के अभाव में हाथियों का एक्ज़ेक्ट लोकेशन ढूंढने में मुश्किल हो रही है ।