कांकेर : डॉक्टर की लापरवाही से गई बच्ची की जान दवाख़ाना सील
कांकेर के अंतागढ़ क्षेत्र से यह मामला सामने आया है जहाँ चिकत्सिया लापरवाही के कारण एक बच्ची की जान चले गयी
स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल अंतागढ़ में पढ़ने वाली 10 वर्षीय
छात्रा फाल्गुनी की मौत की खबर 30 सितंबर को समाचार पत्र में प्रमुखता से
प्रकाशित की गई थी, जिसमे की निजी चिकित्सक द्वारा दी गई दवाइयों एवं निजी
लैब संचालक द्वारा डाक्टर की पर्ची के बिना किए गए खून जांच पर भी प्रमुखता
से प्रकाश डाला गया था स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल अंतागढ़ में
पढ़ने वाली 10 वर्षीय छात्रा फाल्गुनी की मौत की खबर 30 सितंबर को समाचार
पत्र में प्रमुखता से प्रकाशित की गई थी,
जिसमे की निजी चिकित्सक द्वारा दी गई दवाइयों एवं निजी लैब संचालक द्वारा
डाक्टर की पर्ची के बिना किए गए खून जांच पर भी प्रमुखता से प्रकाश डाला
गया था। खबर छपने के बाद ही गुरुवार को तत्परता दिखाते हुए स्वास्थ्य विभाग
व राजस्व विभाग द्वारा निजी दवाखाने पर छापेमार कार्यवाही की गई, जिसमे
दवाखाने का लाईसेंस ना होने पर विभाग द्वारा उसे सील कर दिया गया। सूत्रों
से मिली जानकारी के अनुसार दवाखाना के संचालक को पहले ही इस छापे मार
कार्यवाही की भनक लग गई थी। फाल्गुनी के परिजनो के अनुसार फाल्गुनी बिल्कुल
स्वस्थ थी, लेकिन वह बीते कुछ दिनों से अलसाई सी रहने लगी थी, जिसके बाद
फाल्गुनी के परिजन द्वारा उसे अंतागढ़ के एक निजी लैब में खून जांच के लिए
ले जाया गया था, जहां लैब संचालक द्वारा फाल्गुनी को टायफाइड का होना बताया
गया व उसकी रिपोर्ट भी दी गई, जिस के बाद फाल्गुनी को निजी दवाखाना ले
जाया गया, जहां उसे कुछ अंग्रेजी दवाइयां दी गई जिसमें एंटीबायोटिक सहित
सिर्टीीन साथ ही पेरासिटामोल दिया गया,
देर रात फाल्गुनी की तबियत बिगड़ गई उसके बाद फाल्गुनी को सामुदायिक
स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया किन्तु डाक्टरों की कोशिशों के बाद भी
फाल्गुनी को नहीं बचाया जा सका। इस छापामार कार्यवाही के दौरान एसडीएम सीएल
ओटी, आरआई, पटवारी सहित राजस्व एवं स्वास्थ्य विभाग का पूरा अमला मौजूद
था।