चौथे स्तंभ का पुलिस प्रशासन से उठा भरोषा ?  विधायक प्रतिनिधि... - CG Sandesh

चौथे स्तंभ का पुलिस प्रशासन से उठा भरोषा ? विधायक प्रतिनिधि के गाली-गलौच की शिकायत विधायक से.

मामला बसना विधानसभा का है, जहाँ छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन के सदस्यों ने विधायक प्रतिनिधि के गाली-गलौच की शिकायत विधायक से की है. 15 दिन के अंदर ही बसना विधायक देवेन्द्र बहादुर सिंह के बनाये गए दुसरे प्रतिनिधि पर गुंडागर्दी जैसे आरोप लग रहे हैं. यहाँ तक कि कई पत्रकारों द्वारा किये गए हस्ताक्षर सहित पत्र में लिखा गया कि छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन के पत्रकार को गाली-गलौच कर मारपीट करने की कोशिश की गई, और थाना में अंदर तक करा देने की धमकी दी गई.

आरोप पिथौरा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक प्रतिनिधि, कुलवंत सिंह खनुजा पर है. खबर सूत्रों के अनुसार विधायक प्रतिनिधि कुलवंत सिंह खनुजा ने पहले जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन के पत्रकार आकाश अग्रवाल से दशहरा समिति के नाम पर चंदा के रूप में 21 हजार रुपये की मांग की. भारी-भरकम राशि होने के कारण आकाश अग्रवाल ने इसे देने से मना किया और अपनी पीड़ा सोशल मिडिया के माध्यम से व्यक्त की. आकाश अग्रवाल द्वारा लगाये गए आरोप में दशहरा समिति का नाम था, जिसकी वजह से समिति के कई लोग नाराज हो गए . जिसके बाद आकाश ने दशहरा समिति से माफी मंगाते हुए अपना आरोप कुलवंत सिंह खनुजा पर लगाया.

इसके बाद खनुजा ने आकाश अग्रवाल को रेस्ट हाउस में बुलाकर गाली गलौच की और साथ ही मारपीट की कोशिश की. आकाश ने लिखा की ये है असली चेहरा.
चंदा के नाम पर 21 हजार रुपये की भारी भरकम राशि की मांग एक विधायक प्रतिनिधि द्वारा करना और फिर राशि देने से मना करने पर गाली गलौच करना. कितना जायज है ? क्या ऐसे मामलों की शिकायत पुलिस में नहीं होनी चाहिए ? क्या चौथे स्तंभ का पुलिस प्रशासन से भरोषा उठ गया है ?

हो सकता है ऐसे ही कई अन्य लोगों से जबरदस्ती चंदा लिया जा रहा हो और झूठे केश में फसाने की धमकी भी दी जाती हो ! जिसकी शिकायत या तो पुलिस से नहीं की जा सकती या तो पुलिस शिकायत दर्ज नहीं करती ! ऐसे में सवाल है कि क्या ऐसे प्रतिनिधि का केवल समाचार में बहिष्कार करना उचित न्याय है ?

वहीं इस मामले में छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन की जिला अध्यक्ष प्रकाश सिन्हा ने बताया कि मामले की शिकायत विधायक से की गई है, जिन्हें बताया गया है कि ऐसे प्रतिनिधि से आपकी छवि धूमिल हो रही है. साथ ही विधायक प्रतिनिधि पर तत्काल कार्यवाही की मांग की गई है. यदि उचित कार्रवाई नहीं की जाती है तो प्रदेश स्तर के मार्गदर्शन पर आगे की रणनीति बनाई जाएगी.

जिला अध्यक्ष प्रकाश सिन्हा से जब पूछा गया कि मामले की शिकायत पुलिस से क्यों नहीं की गई, और क्या चौथे स्तंभ का पुलिस प्रशासन से भरोषा उठ चूका है ? जिसपर उन्होंने कहा कि ज्ञापन देते समय वह मौजूद नहीं थे, इस संबध में आज बैठक रखी गई है. आगे जो भी निर्णय होगा बताया जायेगा.

वहीं इस सवाल पर छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन के बसना ब्लॉक अध्यक्ष देशराज दास ने कुछ भी कहने से साफ इंकार कर दिया.


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