बसना क्षेत्र की युवती ने नौकरी दिलाने के नाम पर की बिलासपुर की युवती से 2 लाख रुपये की ठगी, न्याय के लिए भटक रही पीड़िता.
हेमंत वैष्णव. महासमुंद जिले के बसना थाना क्षेत्र के ग्राम बाराडोली, जोगीदादार गृहग्राम निवासी और वर्तमान बसना के आदर्श नगर में रहने वाली युवती भाग्यवन्ती पटेल उर्फ भावना पटेल, पिंकी पटेल पिता परसराम पटेल के ख़िलाफ शासकीय नौकरी दिलाने के नाम पर झांसा देकर 2 लाख रु ठगी करने का मामला सामने आया है.
पीड़िता लक्ष्मी देवांगन बिलासपुर के खपरी तखतपुर निवासी है, पीड़िता ने इसकी शिकायत पुलिस से की है.
लक्ष्मी देवांगन के अनुसार आज से करीब 2 वर्ष पहले भाग्यवन्ती पटेल बिलासपुर मे रह कर पढाई कर रही थी, जहाँ भाग्यवन्ती पटेल द्वारा लक्ष्मी देवांगन को एक कम्पनी में नौकरी दिलाने भरोसा दिलाया गया और लक्ष्मी देवांगन का जरूरी दस्तावेज लिया गया. और कहा गया कि ट्रेनिंग करनी होगी उसके बाद आपको शासकीय नौकरी यहीं से मिल जाएगा.
जिसपर पीड़िता लक्ष्मी देवांगन भाग्यवन्ती के झांसे में आकर 2 लाख रु दे बैठी. भाग्यवंती पटेल ने पीड़िता लक्ष्मी देवांगन को कहा था कि लगभग कुछ दिन ग्लेज कम्पनी के निजी संस्थान में कार्य करना होगा फिर वहां से शासकीय कर्मचारी में तबादला हो जाएगा, इस कार्य के लिए 25 हजार रुपये सैलरी बताया गया था.
पीड़िता लक्ष्मी देवांगन ने बेरोजगारी से मुक्ति पाने के लिए भाग्यवन्ती पटेल के झांसे में आकर नौकरी पाने के लालच में 2 लाख दे बैठी और जब नौकरी दिलाने का समय आया तो वह अपना मोबाइल नम्बर बन्द कर बातचीत करना बन्द कर दी.
इसके बाद ठगी के शिकार लक्ष्मी देवांगन ने डेढ़ वर्ष पहले सिरगिट्टी थाने में शिकायत की जिसके बाद बाराडोली निवासी भाग्यवन्ती पटेल पिता परसराम पटेल को सिरगिट्टी थाना बुलाया गया जहां भाग्यवन्ती पटेल ने धोखाधड़ी के एफआईआर से बचने के लिये थाना में लिखित में दिया कि मैं 2 माह में 1 लाख रु रकम वापस कर दूंगी और 1 लाख रु. ग्लेज कम्पनी में जमा है उसको मैं नही दे सकती.
थाना में लिखित तौर पर देने के 2 माह बाद जब लक्ष्मी देवांगन ने पैसा मांगे तो वे मुकर गई. इसके बाद लक्ष्मी देवांगन द्वारा सिरगिट्टी थाना में कई बार गुहार लगाती रही लेकिन थाना वाले देखते देखते कहते हुए घुमाते रहे और पीड़िता रकम पाने बसना उसके गांव तक पहुँच गई.
लक्ष्मी देवांगन ने बताया कि जब वह भाग्यवन्ती पटेल के गांव पहुची तो वह उसके खिलाफ घर में झगड़ा और तोड़ फोड़ कराने झूठी शिकायत कर दी. जिसके बाद बसना थाना वालो को वास्तविक घटना बताया तो उसे छोड़ा गया. और एक बार फिर बिलासपुर थाना में शिकायत करने सलाह दिया गया.
इसके बाद पीड़िता लक्ष्मी देवांगन का विवाह हो गया और भाग्यवन्ती पिता परसराम पटेल के खिलाफ सिटी कोतवाली गोलबाजार बिलासपुर में दोबारा शिकायत किया गया, लेकिन गुहार लगाने के बावजूद कार्यवाही नही हो पा रही है, और आज तक वह अलग-अलग थाना का चक्कर लगा रही है.