महासमुंद: कलेक्टर ने दीपावली में पटाखे रात्रि 8 से 10 बजे के बीच फोड़े जाने की अपील की
महासमुंद: राज्य सरकार ने
राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के आदेश का हवाला देते हुए
प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों से कहा है कि आदेश के अनुरूप
दीपावली के दौरान यह सुनिश्चित किया जाए कि पटाखे रात्रि 8ः00 बजे से 10ः00 बजे के बीच फोड़े जाएं। इस
सिलसिले में कलेक्टर डोमन सिंह ने ज़िले की आम जनता से भी सर्वाेच्च न्यायालय के
आदेश का सम्मान करने और पर्यावरण को स्वच्छ बनाने के लिए पटाखों का इस्तेमाल
रात्रि 8ः00 से 10ः00 बजे तक ही करने की अपील
की है। राज्य शासन से जारी आदेश में कहा गया कि सर्वाेच्च न्यायालय के पारित आदेश
में दीपावली के दौरान पटाखों का इस्तेमाल सिर्फ रात्रि 8ः00 से 10ः00 बजे तक, छठ पूजा प्रातः 6ः00 से 8ः00 बजे तक, गुरु पर्व पर रात्रि 8ः00 से 10ः00 बजे तक और क्रिसमस तथा नए
वर्ष के आगमन पर रात्रि 11.55 से 12.30 बजे तक पटाखा चलाने की अनुमति दी है।
सुप्रीम कोर्ट ने सीरिज वाले पटाखों और लड़ियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही सिर्फ ऐसे पटाखे फोड़ने की अनुमति दी गई जिनसे ध्वनि प्रदूषण और वायु प्रदूषण न्यूनतम स्तर पर और निर्धारित मानकों के अनुरूप रहे। सर्वाेच्च न्यायालय ने ऐसे ग्रीन और इम्प्रूव्ड पटाखे के निर्माण और बिक्री की अनुमति दी है, जिनसे उत्सर्जन और प्रदूषण कम हो और इन्हें लायसेंस प्राप्त व्यापारियों के द्वारा ही बेचा जाए। अधिकारियों ने बताया कि सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा ऑनलाइन पटाखा बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और सभी राज्य सरकारों को आदेश का पालन सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा विगत कुछ वर्षाें से दीपावली के मौके पर पटाखों के नियंत्रित और संतुलित उपयोग के लिए जन जागरण अभियान भी चलाया जाता रहा है। इसके उत्साह जनक परिणाम मिले हैं। विगत कुछ वर्षों में रायपुर और प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों में वायु प्रदूषण तथा ध्वनि प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी आयी है।