बसना : शासन से मिली कोटवारी जमीन की खरीदी बिक्री और अवैध निर्माण, शिकायत पर नही हो रही कार्रवाई.
हेमन्त वैष्णव. बसना राजस्व तहसील विभाग अंतर्गत ग्राम पंचायत सागरपाली में शासन से मिले कोटवारों के जमीनो का खरीदी बिक्री के साथ-साथ अवैध रूप से व्यवसायिक कार्यो के लिए उपयोग जा रहा है. बता दें कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद आदेश जारी किया गया है कि कोटवारों को मिले सेवा भूमियो का जितनी भी खरीदी बिक्री हुवा है वह स्वतः ही निरस्त माना जाएगा. लेकिन इसके बाद भी कोटवारी जमीनो पर अवैध अतिक्रमण थमने का नाम नही ले रहा है.
ताजा मामला बसना राजस्व विभाग अंतर्गत ग्राम पंचायत सागरपाली का है, जहां शासन से मिली कोटवारी जमीनो पर गांव के अन्य व्यक्तियों द्वारा कब्जा कर अवैध रूप से भवन का निर्माण किया जा रहा है औऱ उन भवनों का व्यवसायिक रूप से उपयोग किया जा रहा है साथ ही साथ कोटवारी जमीनो का खरीदी कर अन्य व्यक्तियों के नाम पर पट्टा जारी किया जा रहा है. यह जांच का विषय है कि कैसे आख़िर सागरपाली में कोटवारी जमीनो का ख़रीद बिक्री का सेवा भूमि को अन्य व्यक्तियों के नाम पर पट्टा बना दिया गया हैं.
मामले में जयकुमार सारथी ने सागरपाली में हो रहे सेवा भूमि कोटवारी भूमि के खरीदी बिक्री के साथ अवैध अतिक्रमण के मामले मे बसना तहसीलदार बघेल को शिकायत किया है जय कुमार सारथी के सिकायत कॉपी के अनुसार सागरपाली के कोटवारी जमीन के खसरा नम्बर 116/ 1 , 171 / 477 / 187, 368 / 2 में कब्जा कर दुकान और अन्य व्यवसायीक परिसर निर्माण कर उपयोग किया जा रहा है.
जबकि शासन के नियमानुसार किसी भी कोटवारी जमीन का उपयोग सिर्फ खेती किसानी के लिए किया जाएगा औऱ जो कोटवार कार्य करेगा वही कोटवारी जमीनो का उपयोग करेगा.
लेकिन देखा जा रहा है की कोटवारी जमीनो का रजिस्ट्री के साथ धड़ल्ले से अवैध निर्माण किया जा रहा है जिससे छत्तीसगढ़ शासन को नुकसान के साथ ही साथ करोड़ो के जमीनो को पानी के भाव मे कोटवारों के द्वारा जमीनो को आपसी लेनदेन कर कुछ लोगो का फायदा दिलाया जा रहा है.
मामले में बसना तहसीलदार राम प्रसाद बघेल को दूरभाष के माध्यम से कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन फोन नही उठाए.