मिशन क्लीन सिटी के तहत बसना को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार, लोगों ने उठाए सवाल क्या यही है स्वच्छ बसना.. अभियान के बाद से कितना बदला नगर...
मिशन क्लीन सिटी के तहत बेहतर कार्य के लिए केंद्र सरकार के द्वारा शनिवार को दिल्ली में नगरीय निकायों को पुरस्कृत किया गया. जिसमें नगर पंचायत बसना 12वें और सरायपाली 11वें स्थान पर रहा.
नगर पंचायत बसना को पुरस्कृत किये जाने के पश्चात पुरस्कार ग्रहण करते हुए नगर पंचायत अध्यक्ष गजेन्द्र साहू और सीएमओ अशोक सालेम की फ़ोटो सोशल मिडिया में वायरल हुई. जिसके बाद स्वछता को लेकर दिए जाने वाले पुरस्कार पर लोगों ने सवाल खड़े किये और अपने आस-पास पसरे गंदगी की फ़ोटो खींचकर ग्रुप में डाला और पूछा कि क्या यही स्वच्छ बसना है ?
मिशन क्लीन सिटी के तहत नगर पंचायत बसना को पुरस्कृत किया गया, लेकिन नगर पंचायत बसना में अब भी कई ऐसी कमियां है जो स्थानीय नागरिकों को खटक रही है. जो कि लाजमी है.
गौरतलब है कि 2 अक्टूबर वर्ष 2014 में स्वच्छ भारत अभियान का शुरुआत किया गया था. इसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों को स्वछता के प्रति जागरूग करना, हर घर शौचालयों बनवाकर खुले में शौच की समस्या को समाप्त करना था. अभियान की शुरुआत के बाद नागरिक स्वछता के प्रति जागरूग हुए साथ की शौचालय बनने से नगर के आस-पास का वातावरण भी लगा.
अभियान की शुरुआत के बाद 2014 से अब तक इसका असर बसना में भी देखने को मिला है, अब नगर को 100 प्रतिशत तक खुले में शौच मुक्त माना जा सकता है, साथ ही नगर के वार्ड में सी.सी रोड के बनने से भी स्थिति में सुधार हुआ है.
नगर में कई वार्ड ऐसे थे, जहाँ बरसात में दिनों में चलना मुश्किल था, कचरों के ढेर हुआ करते थे. ऐसे कई जगहों की स्थिति बदल चुकी है. सुधार आ चूका है. नागरिकों को कचरा रखने हेतु डब्बा दिया गया है. कई वार्ड में घर-घर से कचरा उठाया जा रहा है. नगर में सी.सी रोड के साथ नागरिकों के लिए बनाये जा रहे बेहद ही सुंदर प्रधानमंत्री आवास वार्ड की गलियों में चार चाँद लगा रहे हैं.
लेकिन नगर में ऐसी कई कमियां है जिन्हें दूर कर नगर मिशन क्लीन सिटी के तहत पहले स्थान पर आ सकता है.

नागरिकों का जागरूग ना होना.
गौरतलब है कि कुछ समय पूर्व बसना नगर में अभियान के तहत कई जगह चौक चौराहे पर कचरे के दो डब्बे लगाये थे, जो अब कहीं भी नहीं दिखाई देते. सारे कचरे के डब्बे नगर से कोई चुरा ले गया. जिसमे बाद ना कभी वापस डब्बे लगाये गए और ना ही चुराने वाले का पता लगाया गया.
नगर के अन्दर अब ऐसे कई जगह हैं जहाँ नागरिक कचरों का ढेर कर रहे हैं, जिसका कारण यह है कि नगर पंचायत का हर घर से कचरा लेने में असमर्थ है. साथ ही कुछ लोगों की आदत है.
बसना नगर के पदमपुर रोड में गायत्री मंदिर के सामने दो बैंक हैं, जिनके सामने हमेशा कचरा बना रहता है. ऐसे ही स्थिति बसना के कन्या शाला के सामने और वार्ड क्रमांक 8 और 9 में बनी रहती है.

लगातार बढ़ रहे अवैध कब्जे.
नगर में दूकान अब सड़कों तक लगने लगी है, जिससे नगर में हमेशा अव्यवस्था बनी रहती है. यहाँ तक कि कई दुकानदारों ने सड़कों तक शेड लगा रखी है, वहीं हाई स्कूल मार्ग में देवरों ने सड़कों पर ही अपना डेरा बना लिया है. कई नागरिक अब उस सड़क से ही गुजरना छोड़ चुके है.

मुख्य सड़कों का हाल बेहाल.
नगर की दो मुख्य सड़क पदमपुर रोड और नगर के भीतर से गुजरने वाले रायपुर-सरायपाली रोड का हाल बेहाल है, बरसात में यहाँ तालाब बन जाने से पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है. तो बाकी समय धुल के उड़ने से लोग परेशान रहते हैं. यह समस्या वर्षों बाद भी नहीं सुलझाई जा सकी है. कई जगह सड़कों पर धुल जमने के कारण सड़क सकरी भी हो गई है.