महासमुन्द: समर्थन मूल्य पर धान खरीदी पूर्व वर्ष में संचालित और नवीन बनाए गए खरीदी केन्द्रों से की जाएगी
कलेक्टर की अध्यक्षता में समय-सीमा की बैठक
धान उपार्जन केन्द्रों में सभी तैयारी समय रहते पूरी कर ली जाए: कलेक्टर
महासमुन्द: कलेक्टर डोमन सिंह ने आज समय-सीमा की बैठक में 01 दिसम्बर से शुरू होने वाली धान खरीदी की अब तक की कि गई तैयारी और बारदाना आदि के बारे में पूरी जानकारी ली। उन्होंने जिले के सभी धान खरीदी केन्द्रों में जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपार्जन केन्द्रों में जहां रास्ते खराब है, उन्हें दुरुस्त कर लिए जाए। ताकि किसानों को और उनके वाहनांे के आवागमन में किसी प्रकार की कोई दिक्कत का सामना न करना पड़े। उन्होंने बिचौलियों और कोचियो द्वारा अवैध धान विक्रय के रोकथाम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धान खरीदी कार्य की परीक्षण एवं मॉनिटरिंग के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती कर दी गयी है। कलेक्टर ने कहा कि वर्तमान वर्ष 2021-22 में किसान पंजीयन हेतु प्राप्त आवेदनों के पंजीकरण तथा तकनीकी त्रुटि में सुधार 20 नवम्बर तक थी। अब समिति स्तर पर अंतिम रूप से पंजीकृत किसानों की सूची प्रकाशित कर दावा आपत्ति प्राप्त कर उसका निराकरण 25 नवम्बर तक कर लिया जाए। तत्पश्चात् अंतिम सूची प्रकाशित खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण निर्देशानुसार कार्यवाही सुनिश्चित किया जाए। सभी कार्यवाही जारी दिशा-निर्देशानुसार सावधानी के साथ पूरी की जाए।
खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में समर्थन मूल्य पर धान पूर्व वर्ष में संचालित और नवीन बनाए गए धान खरीदी केन्द्रों से की जाएगी। उन्होंने कहा जैसे ही दिशा-निर्देश प्राप्त होंगे उस हिसाब से कार्यवाही किए जाए। विगत वर्ष जिले में 138 धान उपार्जन केन्द्रों में खरीदी की गई थी। इस बार 06 नए धान खरीदी केन्द्र खोले गए है। ये केन्द्र महासमुन्द ब्लॉक के ग्राम अछोला एवं डुमरपाली ढांक में, पिथौरा ब्लॉक के ग्राम झारमुड़ा में, बागबाहरा ब्लॉक के ग्राम आंेकारबंद एवं घोटियापानी में तथा बसना ब्लॉक के ग्राम दुलारपाली में खोले गए है। उन्होंने कहा कि विगत वर्ष की तरह जिले में धान के अवैध परिवहन को रोक लगाने के लिए जिले के सीमावर्ती सीमा पर नजर रखने और रोकने कड़ी निगरानी करने के लिए 17 जांच नाका बनाए गए है। सभी पुलिस और अधिकारियों की तैनाती की गई है। उन्होंने पिछले दिनों बेमौसम बारिश से सम्भावित फसल को हुई क्षति के आंकलन और जरूरी कार्यवाही करने संबंधित अधिकारियों को कहा। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत एस. आलोक, अपर कलेक्टर डॉ. नेहा कपूर, एसडीएम भागवत जायसवाल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एन.के. मंडपे सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारीगण मौजूद थे।
कलेक्टर डोमन सिंह ने विभिन्न विभागों के प्रकरणों के निराकरण के संबंध में बारी-बारी से जानकारी ली। बैठक में जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे। बैठक कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में आयोजित थी। कलेक्टर सिंह ने जिले में विभिन्न मदों के तहत चल रहें निर्माण कार्यों की सड़क एवं भवन निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्य को चरणबद्ध ढंग से नियम समयावधि में पूर्ण करने कहा। उन्होंने भ्रमण और जनचौपाल में दिए गए निर्देशों का पालन प्रतिवेदन के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली। कलेक्टर ने न्याय का छत्तीसगढ़ मॉडल से संबंधित जानकारी आज ही मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को मय छायाचित्र सहित प्रदाय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ किया जाए।
कलेक्टर ने राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना सुराजी योजना, राजीव गांधी किसान न्याय योजना, मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना, मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान, राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के साथ ही अन्य पिछड़ा वर्ग एवं कमजोर वर्गाें के सर्वेक्षण के संबंध में जानकारी ली। सिंह ने इस माह से हर मंगलवार को कलेक्टर जनदर्शन और अन्य विकासखण्डों में जनदर्शन के दौरान प्राप्त ओवेदनों के निराकरण के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने चिटफंड कंपनियों के विवरण और उनके विरूद्ध कार्यवाही और वसूली अभियान के बारे में भी जानकारी ली।