महासमुंद: धान खरीदी पारदर्शिता और नियमों के दायरे में हो - कलेक्टर सिंह
कलेक्टर ने की धान उपार्जन के तैयारियोें की समीक्षा
सभी अधिकारी-कर्मचारी जीरो टॉलरेन्स को ध्यान में रखकर काम करें
महासमुंद: खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी बुधवार 01 दिसम्बर से शुरू हो रही है। धान खरीदी से पहले धान की खरीदी एवं कस्टम मिलिंग की तैयारियों को लेकर कलेक्टर डोमन सिंह ने आज यहां कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में धान खरीदी तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा धान खरीदी में प्राथमिक सहकारी समितियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। धान खरीदी पूरी पारदर्शिता और नियमों के दायरे मेें हो। इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि धान खरीदी में सभी अधिकारी-कर्मचारी जीरो टॉलरेन्स को ध्यान में रखकर काम करें। उन्होंने कहा कि नियमों से परे कोई गड़बड़ी करने का प्रयास करेगा तो कार्यवाही होगी। राजस्व के साथ-साथ पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद रहेगी। धान खरीदी के बीच बे-मौसम बारिश की भी संभावना हो सकती है। इसलिये समितियां पहले से तिरपाल का इंतजाम कर लें। प्लास्टिक की पन्नी से काम नहीं चलने वाला है। किसी भी हालत में समिति स्तर पर किसान का धान भीगना नहीं चाहिए। किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए। धान उपार्जन केन्द्रों में बिजली, पानी एवं अन्य जरूरी व्यवस्था हो यह सुनिश्चित कर लिया जाए। बैठक में जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी, जिला खाद्य अधिकारी, उप पंजीयक, कृषि सहित जिला स्तरीय नोडल अधिकारी, तहसीलदार, जिला विपणन अधिकारी उपस्थित थे। महासमुंद के अलावा विकासखण्डों के अधिकारी वीडियों कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।उन्होंने कहा खरीफ
विपणन 2021-22 के लिए राज्य शासन के निर्देशानुसार 01 दिसम्बर 2021 से किसानों से समर्थन मूल्य पर धान
खरीदी किया जाना है। उन्होंने धान उपार्जन केन्द्रों में सभी जरूरी एवं आवश्यक
तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले के सभी एसडीएम को अपने-अपने
क्षेत्र के रेंडमली धान खरीदी केन्द्रों में जाकर निरीक्षण करने कहा। धान उपार्जन
केन्द्रों में फड़ की सफाई, विद्युत व्यवस्था, स्थायी-अस्थायी फेंसिंग सहित कम्प्यूटर प्रिंटर, कांटा बाट, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन नाप तौल विभाग
से सत्यापन करा लिया जाए।
उन्होंने कहा कि बैनर, पोस्टर, दीवार लेखन के माध्यम से समर्थन मूल्य
एफएक्यू स्पेशिफिकेशन का प्रदर्शन भी किया जाए। पंजीकृत किसानों की सूची का भी
प्रदर्शन हो। कृषकों की सुविधा का ध्यान रखा जाए। कृषकों की सुविधा के लिए
प्रतिदिन लघु एवं सीमांत कृषकों का 80 प्रतिशत तथा बड़े
कृषकों का 20 प्रतिशत टोकन जारी किया जाए। लघु एवं
सीमांत कृषकों को टोकन प्रदान करने मंे प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि टोकन
जारी करने की व्यवस्था पारदर्शी होनी चाहिए। टोकन पंजी भी संधारित की जाए।
महासमुंद जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में 11 नवीन धान खरीदी केन्द्र बनाए गए है।
जिले में धान खरीदी केन्द्रों की संख्या 138 से बढ़कर 149 हो गई है। इस वर्ष 11 नए धान खरीदी
केन्द्र खोले गए है। नवीन बनाए गए उपार्जन केन्द्र महासमुंद विकासखण्ड में अछोला, डुमरपाली (ढांक),
अचानकपुर एवं कोसरंगी, बागबाहरा में आंेकारबंद एवं घोटियापानी, पिथौरा में झारमुड़ा, कोलदा एवं सावित्रीपुर तथा बसना
विकासखण्ड मेें दुलारपाली एवं पुरूषोत्तमपुर शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि
जिस सॉफ्टवेयर की मदद से धान खरीदी शुरू होगी। उनका इंस्टालेशन हो गया है।
अधिकारियों ने बताया कि 01 दिसम्बर से शुरू होने वाली धान खरीदी
के लिए किसानों को टोकन जारी शुरू हो गया है।
कलेक्टर डोमन सिंह ने कहा कि पुराने
और नए बारदानों का धान खरीदी में उपयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी धान
उपार्जन केन्द्रों में बारदाना उपलब्ध हो यह सुनिश्चित कर लिया जाए। प्रत्येक
तहसील में कोचियों एवं बिचौलियों को चिन्हांकित कर आवश्यक कार्यवाही किया जाए।
इसके साथ जिले के 25 अतिसंवेदनशील धान उपार्जन केन्द्रों
में विशेष निगरानी रखी जाए। धान का भण्डारण एवं सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किया
जाए। असमय बारिश से धान को बचाने हेतु केप कव्हर, तारपोलिन एवं प्लास्टिक कवर का इंतजाम
भी कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि धान खरीदी के प्रारम्भ से ही किसानों के रकबा
समर्पन की कार्यवाही की जाए। कलेक्टर सिंह ने कहा कि राईस मिलर्स से बारदाना
समितियों को उपलब्ध कराने विशेष प्रयास किया जाए। इसके साथ ही राईस मिलर्स के
पंजीयन की कार्यवाही मंे तेजी लायी जाए। ताकि उपार्जन केन्द्रों से धान का उठाव
शीघ्र हो।
नवीन धान खरीदी केन्द्रों का उद्घाटन
संसदीय सचिव एवं संबंधित क्षेत्र के विधायक, जनप्रतिनिधि करेंगे। विभागीय
अधिकारियों ने बताया कि किसानों से धान खरीदी के लिए जिले में टोकन कटना प्रारम्भ
हो गया है। प्राथमिकता के आधार पर छोटे किसानों के पहले टोकन काटा जा रहा है। इस
वर्ष शासन ने किसानों के बारदाना से भी धान खरीदी करने का प्रावधान प्रारम्भ से
किया है। किसान अपने बारदानें से यदि धान बेचता है तो उन्हें बारदानें की कीमत 18 रुपए देगी। जिले में वनाधिकार पट्टाधारी पंजीकृत किसानों की संख्या
3111 है। इस बार 9651 नए किसानों ने धान विक्रय के लिए अपना पंजीयन कराया है। पिछले बार
के 140697 किसानों को भी रिफॉरवर्ड पंजीयन किए
गए। इस प्रकार चालू खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में 150348 किसान अपना धान समर्थन मूल्य पर बेचेंगे।