महासमुंद में बालिकाओं को सक्षम बनाने, चल रहा महाअभियान
महासमुंद जिले में ‘‘सक्षम बिटिया अभियान’’ कार्यक्रम चलाया जा रहा
है, जिसमें पीरामल फाउंडेशन
की टीम सपोर्ट के रूप में कार्य कर रही है। इस कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाओं को
सामाजिक, मनोवैज्ञानिक, नैतिक रूप से सीखने की
प्रक्रिया में उन्हें सक्षम बनाया जा रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, महिला एवं बाल विकास, ग्रामीण विकास एवं
पंचायती राज, समाज
कल्याण विभाग सक्षम बिटिया अभियान में पूरा सहयोग कर रहे है। 
महासमुंद विकासखण्ड
सहित बागबाहरा की 6000 बालिकाओं को शिक्षा के साथ उनके कौशल विकास व सोशल
एथिकल एंड इमोशनल लर्निंग के तहत कार्य किया जा रहा है। इस अभियान के लिए जिले में
वालंटियर्स तैयार किये गए हैं, जो शालाओं में जाकर, बालिकाओं की शिक्षा व
उनको सक्षम बनाने पीरामल फाउंडेशन की ओर से गांधी फेलो आशीष पाण्डेय इस अभियान को
देख रहे है।
महासमुंद जिला आकांक्षी जिला है, और यहाँ भारत शासन के
नीति आयोग व पीरामल फाउंडेशन के सहयोग से जिले के लिए संचालित आकांक्षी जिला कार्यक्रम
आयोजित किया जा रहा है, विशेष कर शिक्षा, स्वास्थ्य एवं आजीविका के क्षेत्र में कार्य किए जा
रहे हैं। प्रदेश के सभी दस आकांक्षी जिलों में छः हजार बालिकाओं को सहयोग करने का
लक्ष्य रखा गया है। सक्षम बिटिया अभियान का उद्देश्य बालिकाओं को स्वयं के प्रति
और अपने आसपास के वातावरण के लिए समझ विकसित करने में सक्षम बनाना है, ताकि वे मजबूत बन सकें, और उनमें सहयोग, समानुभूति एवं सहानुभूति
की भावना, रचनात्मकता का विकास हो
सके। शालाओं के बंद होने के दौरान सीखने की अभिरुचि में कमी और स्कूल खुलने पर
स्कूल न जाने की अनिच्छा से शिक्षा में बाधा आती है। शाला त्यागी बालिकाओं में कमी
लाने की दिशा में यह कार्यक्रम महत्वपूर्ण साबित होगा। इस अभियान के तहत परिवार, समुदाय में व्यक्तियों को
प्रशिक्षण दिया जाएगा। बालिका शिक्षा के प्रति जागरूकता लाने और उनकी शिक्षा में आ
रही बाधा को दूर करने की दिशा में कार्य किए जाएँगे.