बसना : गाँव में हो रहे विकास और सरपंच प्रतिनिधि के बढ़ते राजनैतिक कद से प्रतिद्वंदी परेशान, शिकायत से करना चाहते हैं गाँव का माहौल ख़राब.
बसना जनपद मुख्यालय से लगे ग्राम पंचायत बंसुला में सरपंच और सरपंच प्रतिनिधि पर लगाने वाले आरोपों का दौर जारी है. गाँव में हो रहे विकास कार्यों से प्रतिद्वंदी परेशान हैं और लगातार सरपंच के विरुद्ध शिकायत कर गाँव के माहौल ख़राब करने को प्रयास कर रहे हैं.
ग्राम पंचायत बंसुला बीते कई दशकों से मुलभुत सुविधाओं को तरस रहा था, ब्लॉक मुख्यालय से जुड़े होने के बावजूद यह गाँव निष्क्रिय जनप्रतिनिधियों का दंश झेलता रहा. यहाँ की समस्याएं विधानसभा चुनाव में मुद्दा भी बना. प्रमुख रूप यहाँ सड़क की जो समस्या थी वह ना केवल एक गाँव की थी बल्कि इस रास्ते से गुजरने वाले दर्जन भर गाँव के ग्रामीणों की समस्या थी.
दो वर्ष पूर्व गाँव रजनी जन्मजय साव सरपंच बनी और गाँव के विकास की तस्वीर निकलकर सामने आने लगी, जिस मार्ग को बनाये जाने की उम्मीद ग्रामीण छोड़ चुके थे, सरपंच ने उसे 2 वर्ष में ही पूरा करवा लिया. इसके अलावा गाँव में अन्य समस्या जैसे नल-जल कई छोटे पहुँच मार्गों में सीसी रोड का निर्माण कराया गया. जहाँ के विकास कार्यों में लोकार्पण के लिए महासमुंद सांसद चुन्नी लाल साहू भी पहुंचे.
सरपंच के कार्यों को देखते हुए ग्रामीणों ने भी विकास कार्य में अपना योगदान देना शुरू किया. और इस गाँव में जन सहयोग से भी सीसी रोड का निर्माण करवाया गया. गाँव की बदलत्ती तस्वीर से सरपंच के प्रतिद्वंदी लगातार परेशान होने लगे. और कहीं ना कहीं खामियां निकालकर शिकायत करने के बाद सरपंच की छवि धूमिल करने मिडिया के माध्यम से स्तरहीन, और निराधार आरोप लगाने लगे.
शिकायतकर्ताओं में मुख्य जो तीन नाम निकलकर सामने आयें हैं, उसमें ग्राम बंसुला के तुलसी साव, उपेन्द्र साव और जनपद सदस्य प्रतिनिधि मनोज अग्रवाल का नाम सामने आ रहा है.
सूत्रों के अनुसार यह आरोप राजनैतिक और सामाजिक रंजिश का नतीजा है. 28 अक्टूबर को तुलसी साव को साहू समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष के पद से हटा दिया गया था, और सामाजिक बहिष्कार भी किया गया. वहीं उपेन्द्र साव ने बीते चुनाव में सत्यभामा साहू को सरपंच पद के लिए मैदान में उतरा था, जिसे करारी हार का सामन करना पड़ा.
राजनैतिक और सामाजिक वर्चस्व खोने के बाद रंजिश के चलते प्रतिद्वंदी ने शिकायत कर सरपंच की छवि को धूमिल करने का प्रयास शुरू कर दिया. तो वहीँ सरपंच प्रतिनिधि का बढ़ता राजनैतिक कद अब उन्ही के पार्टी सदस्यों को खटकने लगा.
ग्राम पंचायत बंसुला के सरपंच प्रतिनिधि बीजेपी समर्थित नेता हैं, बसना भाजपा मंडल में महामंत्री भी हैं. जबकि शिकायतकर्ताओं में मनोज अग्रवाल जो कि जनपद सदस्य प्रतिनिधि हैं, बीजेपी के नेता हैं, और शिकायतकर्ता में भी शामिल हैं.
सूत्रों की माने तो बंसुला के सरपंच प्रतिनधि जन्मजय साव के बढ़ते राजनैतिक कद से क्षेत्र के कई नेता परेशांन है जिनमे उनके ही पार्टी के लोग भी खुले तौर पर शिकायत करते नजर आ रहें हैं.
मनरेगा के तहत पंचायत में सरपंच के रिश्तेदार यहाँ तक की स्वयं सरपंच का भी जॉब कार्ड बनाया जा सकता है, और वे मजदूरी भी कर सकते हैं.
जिस अटल आवास से गरीबों को हटाने की बात कही जा रही है, उस अटल आवास को अभी पूरा ही नहीं किया गया था, अधूरे पड़े अटल आवास में अवैध रूप से अन्य राज्यों के अज्ञात बाहरी लोग रहने लगे. जिससे आसपास का माहौल ख़राब होने लगा. जहाँ से अतिक्रमण हटाया गया.
गाँव में हो रहे लगातार विकास से प्रतिद्वंदी परेशान हैं. और सरपंच की छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहें हैं.