महासमुंद : कलेक्टर ने दो धान उपार्जन केंद्रों का किया औचक निरीक्षण, मापदंड अनुसार स्टेकिंग नाराज़गी व्यक्त की
जिलें में किसानो से धान उपार्जन किये जाने का कार्य द्रुत गति से चल रहा है किसान धान का विक्रय सुगमता पूर्वक उपार्जन केंद्रो मे कर रहे है। अधिकारियों ने बताया कि जिले में आज तक 35630 किसानों से 11 लाख 74 हजार क्विटल का धान उपार्जन किया जा चुका है जिसकी राशि 227 करोड का भुगतान भी किसानो को आनलाईन माध्यम से किया जा चुका है। जिले के कुल सभी उपार्जन केंद्रों में से 121 उपार्जन केंद्रो का भौतिक सत्यापन आनलाइन एप्प के माध्यम से आज की तारीख़ तक कर लिया गया है.
कलेक्टर डोमन सिंह ने शनिवार दोपहर जिले के दो उपार्जन केंद्रो झालखम्हरिया और सिर्रीपठारीमुडा का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने धान के सुरक्षित रखरखाव एवं उठाव के निर्देश दिए। कलेक्टर पहले उपार्जन केंद्र झालखम्हरिया गए वहाँ उन्होंने उपार्जित धान के स्टेकिंग प्लान की जानकारी ली गई उपार्जन केंद्र के नये पुराने बारदाने की स्टेकिंग निर्धारित मापदंड अनुसार नहीं होेने के कारण गहरी नाराजगी व्यक्त की गई और तत्काल स्टेकिंग प्लान को सही करते हुये प्रत्येक स्टेक में धान का प्रकार बारदाना का प्रकार और स्टेक की मात्रा का बोर्ड लगाये जाने हेतु निर्देशित किया ।
पश्चात बागबाहरा ब्लाक के सिर्रीपठारीमुडा उपार्जन केंद्र का भी निरीक्षण किया गया यहां पर भी स्टेक प्लान सही नहीं होना पाया गया जिसके लिये उन्होंने ने जिला सहकारी बैक केद्रीय बैंक के नोडल अधिकारी से नाराजगी व्यक्त करते हुये तत्काल जिले के समस्त उपार्जन केंद्रो में स्टेक प्लान कर धान नया पुराना बारदाना अनुसार तत्काल स्टेकिंग करने कहा ।
उपार्जन केंद्र सिर्रीपठारीमुडा में उपार्जन केंद्र स्तर पर नियुक्त नोडल अधिकारी द्वारा भौतिक सत्यापन नहीं किये जाने पर तत्काल मौके पर उपस्थित होकर भौतिक सत्यापन करने हेतु दूरभाष पर निर्देशित किया। कलेक्टर श्री सिंह ने द्वारा प्रत्येक शनिवार एवं रविवार को धान उपार्जन केंद्र का भौतिक सत्यापन अनिवार्यतः शासन के दिशानिर्देश अनुरूप किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है।
कलेक्टर ने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में अवैध धान परिवहन और संग्रहण पर सख्ती से रोक लगाई जाए। इस तरह के मामला संज्ञान में आने पर संबंधित तहसीलदार व अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को तत्काल जानकारी देंवे। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर मुझे भी अवगत करा सकते हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि संवेदनशील उपार्जन केन्द्रों में अतिरिक्त निगरानी करने की आवश्यकता है। उन्होंने ने धान खरीदी केंद्र में किसानों की पंजीयन संख्या, धान के रकबे की जानकारी, बारदाने की उपलब्धता, कांटा-बांट के सत्यापन के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि धान खरीदी का काम ईमानदारीपूर्वक करना है। खरीदी के बाद ड्रेनेज बनाकर धान को व्यवस्थित रखा जाए। उन्होंने अन्य राज्यों और कोचियों द्वारा लाए जाने वाले धान पर निगरानी रखने और कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि बाहर से धान खपाने की जानकारी मिलती है तो उसे जब्त करने की कार्रवाई की जाए।
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