प्रधानमंत्री के काशी दौरे पर अखिलेश यादव के कटाक्ष पर भाजपा का पलटवार, अखिलेश यादव ने दी सफाई, मैं तो खुद चाहता हूं की पीएम मोदी हमेशा स्वस्थ्य रहें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के उद्घाटन के बाद भाजपा सरकार की ओर से एक महीने तक कार्यक्रम आयोजित करने पर समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कटाक्ष करते हुए कहा कि आखिरी समय में बनारस में ही रहा जाता है. जब संवाददाताओं ने यादव से कहा कि वाराणसी में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं और वहां एक महीने का कार्यक्रम रखा जा रहा है, तब उन्होंने कहा, “बहुत अच्छी बात है, एक महीना नहीं, दो महीने, तीन महीने रहें, अच्छी बात है. वह जगह रहने वाली है. आखिरी समय पर बनारस में ही रहा जाता है.”
उनके इस बयान पर भाजपा नेताओं के साथ सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली. उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने अखिलेश के इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि “ऐसी अमर्यादित और असंस्कारित भाषा का प्रयोग दिखाता है कि काशी के कायाकल्प और भारतीय संस्कृति के गौरव की टीस उनके मन मे बनी हुई है. उन्हें भारतीय संस्कृति का गौरव फूटी आंखों नहीं सुहा रहा. वह आज भी भारत की सांस्कृतिक विरासत को क्षति पहुंचाने वाले औरंगजेब की विचारधारा के साथ हैं. मैं कहूंगा कि वह काशी आएं और बाबा विश्वनाथ के दर्शन करें. बाबा विश्वनाथ उन्हें सद्बुद्धि दें.”
अपने इस बयान के बाद अखिलेश यादव को सोशल मीडिया पर लोगों की नाराजगी भी देखने को मिल रही है. एक यूजर ने लिखा कि आज के समय में ऐसी टिप्पणी अनुचित और अनावश्यक हैं, चुनाव से पहले सभी राजनीतिक दल उत्साह में ऐसे बयान दे देते हैं जिसके कारण एक राष्ट्र के रूप में आपसी सम्मान सूचकांक में हमारा प्रदर्शन खराब हो जाए. एक यूज़र लिखते हैं काशी विश्वनाथ की भव्यता देखकर औरंगजेब के वंशज बौखला गए हैं, बेचारों को दर्द हुआ है. किसी और ने कहा कि हद्द कर दी अखिलेश यादव ने.
बताते चलें कि हिंदू मान्यताओं के अनुसार, लोगों के लिए अपने जीवन के अंतिम दिन इस शहर में बिताना शुभ माना जाता है. BJP ने अखिलेश यादव की तुलना मुगल बादशाह औरंगजेब से की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिये उनके ताने को ‘सबसे अभद्र’ और ‘बेहूदा’ करार दिया. केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सपा नेता पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी पार्टी की सरकार ने अयोध्या में ‘कारसेवकों’ पर गोलियां चलाई थीं और ”ऐसी बेहूदा और अभद्र टिप्पणियां उनकी मानसिकता को दर्शाती हैं.”
सुर्खियों में आने के बाद अखिलेश यादव ने सफाई देते हुए कहा कि मेरे बयान का गलत मतलब निकाला गया. मैंने तो जो बयान दिया था वो सिर्फ यूपी सरकार के लिए था. मेरे कहने का सिर्फ यही अर्थ था कि यूपी सरकार अब जाने वाली है. मैं तो खुद चाहता हूं की पीएम मोदी हमेशा स्वस्थ्य रहें, उनकी उम्र लंबी रहे. वहीं क्योंकि इस चुनावी प्रचार के दौरान चौकीदार और चायवाले जैसे बयान भी दिए जा रहे हैं, अब अखिलेश मानते हैं कि इन बयानों का बीजेपी को कोई फायदा नहीं पहुंचने वाला है. उनके मुताबिक यूपी में मोदी-योगी का टाइम पूरा हो चुका है.