जात-पात से ऊपर उठकर प्रेम और सद्भावना का संदेश देने वाले संत गुरु घासीदास बाबा की 265वीं जयंती को ग्राम खैरझिटी में धूमधाम से मनाया गया - किसान नेता अशवंत तुषार साहू
महासमुंद विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम खैरझिटी में सतनाम पंथ के प्रवर्तक बाबा गुरु घासीदास की जयंती का कार्यक्रम के अवसर पर अतिथ के रूप में किसान नेता अशवंत तुषार साहू जी पहुंचे | समिति के सदस्यों के द्वारा चंदन हार फुल पहनाकर भव्य स्वागत किया गया | तुषार ने कहा कि सत्य ही मानव का आभूषण है', 'मनखे-मनखे एक समान', सत्य और अहिंसा का संदेश जन-जन तक पहुंचाने वाले संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास की आज 265वीं जयंती है. हर साल 18 दिसंबर से 31 दिसंबर को सतनामी समाज की ओर से बाबा गुरु घासीदास बाबा की जयंती धूमधाम से मनाई जाती है.
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के गिरोधपुरी में 18 दिसंबर 1756 को कसडोल ब्लॉक के छोटे से गांव गिरौदपुरी में एक अनुसूचित जाति परिवार में पिता महंगूदास और माता अमरौतिन बाई के यहां बाबा गुरु घासीदास का जन्म हुआ था. घासीदास के जन्म के समय समाज में छुआछूत और भेदभाव चरम पर था. कहा जाता है कि बाबा का जन्म अलौकिक शक्तियों के साथ हुआ था. घासीदास ने समाज में व्याप्त बुराइयों को जब देखा तब उनके मन में बहुत पीड़ा हुई तब उन्होंने समाज से छुआछूत मिटाने के लिए 'मनखे-मनखे एक समान' का संदेश दिया.
कार्यक्रम मे उपस्थित भोला महाराज ,योगेश चंद्राकर ,रामकुमार ध्रुव ,राजेश साहू, अरुण विश्वकर्मा, चमन देव दास सुरेंद्र पाटले, सुरेश लहरे, गोविंदा , नारायण कुर्रे, सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग व ग्रामीण जन उपस्थित रहे।