महासमुंद : गुरु गोविंद सिंग जी की जयंती मनाई गई
अत्यंत हर्ष का विषय है की सर्व हिंदू समाज महासमुंद के द्वारा गुरु गोविंद सिंग जी के 355 वे प्रकाशपर्व एवं जयंती के उपलक्ष्य में 10 दिवसीय अरदास पाठ एवं भोग भंडारा का आयोजन लोहिया चौक महासमुंद में प्रतिदिन किया जा रहा है। इस निमित्त आज हमारे बीच उक्त कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद छग के प्रांत संगठन मंत्री श्री जितेंद्र वर्मा जी, प्रान्त सह मंत्री घनश्याम चौधरी, विभाग मंत्री रायपुर हरदीप सिंग सैनी उपस्थित थे एवं उन सभी का संक्षिप्त उद्धबोधन हमे प्राप्त हुआ। प्रान्त सह मंत्री घनश्याम चौधरी ने बताया कि गुरु गोविंद सिंग जी का जन्म बिहार के पटना में हुआ। जब गोविंद सिंग जी छोटे थे तब अल्प आयु में ही उनके पिता गुरु तेग बहादुर जी ने कश्मीरी पंडितों पर हो रहे अत्याचार के विरोध में मुगल शासक औरंगजेब ने दिल्ली स्थित चांदनी चौक में गुरु तेग बहादुर जी का सिर काट दिया। उनके पश्चात वे सिखों के दसवें गुरु हुवें। किस प्रकार गुरु गोविंद सिंग जी ने धर्म की रक्षा हेतु अपने एवं अपने पूरे परिवार की आहुती देदी।
उन्होंने सिख धर्म को हिन्दू धर्म का रक्षक कहा अगर उस समय मे मुगलो से कोई मुकाबला किया तो वो सिख कौम है जिनके कारण हमारे पूर्वज धर्म परिवर्तन करने से बचे रहे। गुरु गोविंद सिंग जी ने बच्चे बच्चे के मन मे अपने धर्म एवं देश के प्रति बलिदान होने की परंपरा शुरू की। सभा को संघठन मंत्री श्री जितेंद्र वर्मा जी, विभाग मंत्री हरदीप सैनी जी, पूर्व विधायक डॉ विमल चोपड़ा , धरम साहू , त्रिपुरारी पटेल ने भी सभा को संबोधित किया। उक्त कार्यक्रम में विभाग प्रचारक तुलसी दास , घनश्याम सोनी , देवेंद्र दुबे,अनूप उपासे,अग्रज शर्मा, आनंद साहू, विश्व हिंदू परिसद के जिला कार्यकारी अध्यक्ष हर्ष चन्द्राकर, जिला उपाध्यक्ष पंकज चंद्राकर,जिला मंत्री अखिलेश लुनिया, संयोजक इवन साहू,सह मंत्री रामेश्वर पांडे, धनेंद्र चन्द्राकर, सह कोषाध्यक्ष चेतन ठाकुर, संजय यादव, प्रखंड अध्यक्ष गुरुबचन सिंग, दानेश्वर सिन्हा, गिरीश , हिमांशु तिवारी, नरेश नायक, नितेश श्रीवास्तव, एवं अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।