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ईवीएम से हो रहा संवैधानिक अधिकारों का हनन, मतपत्र से हो मतदान, अधिकारों के हनन होने पर मुख्यमंत्री के पिता ने मांगी इच्छा मृत्यु

रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेल बघेल के पिता नंद कुमार बघेल ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द से पत्र लिखकर चुनाव में ईवीएम के स्थान पर मतपत्र का उपयोग करने की मांग की है. उन्होंने मांग पूरी नहीं होने पर 25 जनवरी मतदाता दिवस के दिन इच्छा मृत्यु की अनुमति देने की राष्ट्रपति से मांग की है. नंद कुमार बघेल के अनुसार ईवीएम के प्रयोग से भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था में दिए गए सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक, आर्थिक और संवैधानिक अधिकारों का हनन बताया है. 

समाचार एजेंसी पीटीआइ से जारी समाचार के अनुसार बघेल ने यह पत्र सोमवार को राष्ट्रपति को भेजा है. इस पत्र में उन्होंने लिखा है कि देश के नागरिकों के सभी संवैधानिक अधिकारों का बड़े पैमाने पर उल्लंघन किया जा रहा है. लोकतंत्र के तीनों स्तंभ विधायिका, न्यायपालिका और कार्यपालिका को नष्ट किया जा रहा है. मीडिया भी इन्हीं के इशारे पर काम कर रही है. देश की जनता पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है. इसी वजह से लोगों में डर का माहौल है.

नंद कुमार बघेल ने लिखा है कि मतदान का अधिकार लोकतंत्र का सर्वोच्च अधिकार है जिसे ईवीएम के माध्यम से क्रियांवित किया जा रहा है. किसी भी राष्ट्रीय या आंतरिक रूप से मान्यता प्राप्त संस्थान या सरकार ने ईवीएम को शत-प्रतिशत सटीक प्रमाणित नहीं किया है. इसके बावजूद ईवीएम से मतदान कराकर मतदान के संवैधानिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है.

उन्होंने राष्ट्रपति से कहा है कि आपने संविधान की रक्षा की शपथ ली है, लेकिन मेरे संवैधानिक अधिकारों की रक्षा नहीं हो रही है, जिसके कारण मेरे पास मरने के अलावा कोई विकल्प नहीं है. राष्ट्रपति का यह कर्तव्य बनता है कि वे अपने संविधान की रक्षा स्वयं करें. जब ईवीएम शत-प्रतिशत प्रमाणित नहीं है तो फिर ईवीएम का प्रयोग क्यों किया जाता है उसकी जगह हमें मत पत्र से मतदान कराना चाहिए. उन्होंने राष्ट्रपति से स्वस्थ लोकतंत्र के व्यापक हित में ईवीएम के स्थान पर मतपत्र का उपयोग करके चुनाव कराने का आदेश जारी करने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा है कि अगर मतपत्र का उपयोग करके चुनाव नहीं किया जाता है तो यह मेरे अधिकारों का हनन होगा इस तरह मैं जीवित नहीं रहना चाहता. अतः मुझे इच्छा मृत्यु का आदेश दें.


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