महासमुंद : संघ द्वारा मकर सक्रांति उत्सव संपन्न
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ महासमुंद के महाविद्यालयीन स्वयंसेवकों के द्वारा अध्यात्मिक केंद्र गायत्री मंदिर में शनिवार को मकर संक्रांति उत्सव मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सिद्धार्थ दुबे नापतोल अधिकारी महासमुंद, कार्यक्रम के मुख्य वक्ता खगेंद्र तारक जी, विहिप कोषाध्यक्ष एवं गुलाब जिला महाविद्यालयिन छात्र कार्य प्रमुख उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अतिथि सिद्धार्थ दुबे ने बताया कि मकर सक्रांति पूरे देश मे भिन्न भिन्न नामो से मनाया जाने वाला पर्व है दक्षिण भारत मे पोंगल, असम में बिहू, पंजाब में लोहड़ी के नाम से जाना जाता है उन्होंने इसके महत्व, इतिहास, प्रकृति परिवर्तन आदि विषयों के बारे में विस्तार से समझाया ।
मुख्य वक्ता खगेन्द्र तारक ने मकर संक्रन्ति उत्सव के बारे में यह बताया कि यह सूर्य उपासना का पर्व है, इस दिन सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण की ओर गमन करता है और धनु राशि से मकर राशि मे प्रवेश करता है।
उन्होंने बताया कि इस दिन हमे खिचड़ी एवं तिल- गुड़ से बनी हुई चीजो का सेवन करना चाहिए एवं दान भी करना चाहिए। हिन्दू धर्म मे हमारे अन्य उत्सव की गणना भारतीय पद्धति चंद्र वर्ष अनुसार होती है लेकिन संक्रन्ति का पर्व सौर काल गणना के अनुसार मनाया जाता है।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक स्वयंसेवक को गुड़ की भांति व्यवहार करना चाहिए क्योंकि गुड़ में जोड़ने की प्रवृति होती है और तिल में बिखरने की । इसलिए हमें गुड़ की भांति व्यवहार करना चाहिए। उक्त कार्यक्रम में मुख्य रूप से राधेश्याम सोनी, जैनेंद्र चन्द्राकर, प्रिंस चक्रधारी, गुलाब सेन, हर्ष पटेल, बलराम साहू एवं अन्य महाविद्यालयीन छात्र गण उपस्थित थे।
