कोरोनावायरस कभी खत्म नहीं होगा यह मलेरिया की तरह स्थानिक बीमारी का रूप ले लेगा – वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन
3 साल से लगातार चल रहे कोरोनावायरस को लेकर अब बहस होने लगी है कि कोरोनावायरस समाप्त नहीं होगा और यह भी मलेरिया की तरह स्थानिक बीमारी का रूप ले लेगा. वैक्सीनेशन इस महामारी से निपटने का एक बेहतर तरीका साबित हो रहा है. वैक्सीन लगने के बाद संक्रमण से मृत्यु की संभावनाएं कम हो जा रही है इसलिए इस महामारी से निपटने के लिए वैक्सीनेशन जरूरी है. महामारी से जुड़े वायरस हमारे इकोसिस्टम का हिस्सा बन जाते हैं. महामारी से जुड़े गंभीर मामलों में वैक्सीन के 3 से 4 डोज की संभावनाओं पर जोर दिया.
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने मंगलवार को चेतावनी देते हुए कहा कि लोग यह नहीं सोचे कि कोविड-19 महामारी एक स्थानिक बीमारी होने की राह पर है इसलिए इसका खतरा कम हो जाएगा. विश्व स्वास्थ्य संगठन के इमरजेंसी डायरेक्टर माइकल रियान ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के वर्चुअल सेशन में कहा कि, लोग पेनडेमिक बनाम एनडेमिक की बात कर रहे हैं. जबकि मलेरिया और एड्स जैसी स्थानिक बीमारियों ने हजारों लोगों की जान ले ली.
दरअसल एनडेमिक का मतलब है कि कोई बीमारी स्थाई रूप से आबादी में संचारित होती रहे. कोरोना महामारी जिस तरह से विकसित हो रही है उससे यह लगता है कि यह वायरस अब पूरी तरह से खत्म नहीं होने वाला है.
वैक्सीन इक्विटी पर जुड़े एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि स्थानिक बीमारी का मतलब यह नहीं है कि यह अच्छा है. इसका मतलब है कि यह अब हमेशा हमारे साथ रहेगी. माइकल रियान ने बताया कि कोविड-19 का ओमिक्रन वेरिएंट तेजी से दुनियाभर में फैल रहा है लेकिन यह अन्य वेरिएंट्स की तुलना में कम घातक है.