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बागबहरा: मनोरोग सामाजिक कार्यकर्ता की टीम पहुंची आदिवासी सवरा मलिन बस्ती भानपुर

महासमुंद: 25 जनवरी को मनोरोग सामाजिक कार्यकर्ता की टीम जिला मुख्याल से 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित विकासखंड बागबहरा के आदिवासी सवरा मलिन बस्ती भानपुर पहुंची। 50 से 60 परिवार जो की संसारिक दुनिया से कोसो दूर है। खाने के लिये अन्न, रहने के लिये मकान और पहनने के लिये कपड़ा, प्राथमिक जीवन को जीने के लिये आवस्यकता पड़ती है। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओ से भी काफी दूर है। जिसके कारण उनके आर्थिक-सामाजिक, शिक्षा और स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ रहा है। उनके मनो सामाजिक रूप बेहतर जीवन यापन नही हो रहा है। उनके लिये बेहतर प्राथमिक जरूरते पूरी हो। आदिवासी सवरा जाति के लोग उनका रहन सहन, खान पान विवाह कुछ अलग नही है। आज के वेज्ञनीक टेक्नोलाजी से दूर है। उनके मन में भय सा बना है की उन्को मुलभुत आवस्यकता की पूर्ति के लिए लाले पड़े हैं। उन्को राष्ट्रीय कार्यक्रमों का फायदा नही मिल पाता है साल में एकात बार मिल जाता है।

मनो सामाजिक कार्यकर्ता का कहना है की समाज में हर वर्ग के लोगो जीने का उतना ही हक है। कदम से कदम मिलाकर चलें। तो गांव से लेकर देश का विकास होगा सामाजिक व्यवस्था, आर्थिक,शिक्षा, स्वास्थ्य को गम्भीरता से ले शासन प्रशासन को भी ध्यान देने की जरूरत है। उनकी समाजिक भवन हो। किशोरी बालिकाओं, गर्भवती शिशुवती माताओ को देखभाल हो सके। समस्त शासन की योजनाओ का लाभ मिल सके। साथ ही जन प्रति निधि भी ध्यान दें। उनके मन मानसिक रूप तनाव भी देखा गया की आगे आने वाले पीढ़ी मानसिक रूप से पीड़ित न हो। कोरोना से लड़ने के लिए ल उनकी दिशा निर्देशन का पालन करने को कहा गया। अधिक से अधिक साफ सफाई पर भी ध्यान दे । गर्म भोजन करे। सर्दी खासी आदि लक्षण दिखाई देने पर नज दिक के स्वास्थ्य कार्य कर्ता मितानिन से संपर्क मे रहे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एन के मंडपे और डॉ छत्रपाल चंद्राकर नोडल अधिकारी राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम। मेडिकल कॉलेज संबद्ध जिला चिकित्सालय महासमुंद से मनोरोग सामाजिक कार्यकर्ता रामगोपाल खूँटे ने मनो सामाजिक स्वास्थ्य गत सलाह दिया गया।


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