बड़ा खुलासा: 7 हज़ार 800 परीक्षार्थियों को पैसे लेकर किया गया था पास
महाराष्ट्र में शिक्षक पात्रता परीक्षा में फेल हुए छात्रों को पैसे लेकर पास करने का मामला सामने आया है. साइबर पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ है की फेल हुए 7 हजार 800 परीक्षार्थियों से पैसे लेकर उन्हें पास किया गया था. महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद द्वारा ली गई 2019-20 में शिक्षक पात्रता परीक्षा में जिन 16 हजार 592 उम्मीदवारों को पास घोषित किया गया था, जांच में पता चला कि उनमें से सात हजार आठ सौ उम्मीदवार फेल थे.
2018 में हुई परीक्षा में भी बड़े पैमाने पर
फेल उम्मीदवारों से पैसे लेकर उन्हें पास करने के आरोपों की जांच शुरू है. इस
मामले की जांच के सिलसिले में पुणे साइबर पुलिस राज्य परीक्षा परिषद की ओर से दी
गई जानकारियों और परीक्षा के परिणामों की गहराई से पड़ताल कर रही है. इसी जांच के
दौरान साइबर पुलिस को 2019-20 के परीक्षा परिणामों को लेकर भी घोटाले का पता चला.
पुणे साइबर पुलिस के मुताबिक 2019-20 की परीक्षा में कुल 16 हजार 592 उम्मीदवारों
के पास होने का रिजल्ट आया था, लेकिन जब परीक्षा परिणामों की गहराई से
छानबीन की गई तो पता चला कि करीब 7 हजार 800 उम्मीदवार पास नहीं हुए थे. लेकिन
इन्हें पास दिखाया गया.
शिक्षा परिषद ने अब फैसला किया है कि 2013 से
ही यह जांच की जाए कि टीईटी के माध्यम से होने वाली भर्ती में शिक्षकों के
प्रमाणपत्र सही हैं या नहीं. राज्य के सभी जिला परिषदों, महानगरपालिकाओं
के माध्यम से चलने वाले स्कूलों को इस बात की जांच के संदर्भ में आदेश दे दिए गए
हैं. पुणे साइबर पुलिस फिलहाल 2018 और 2020 में हुए टीईटी घोटाले की जांच कर रही
है.