पटेवा : SBI YONO DOWNLOAD करते ही शिक्षिका के बैंक अकाउंट से गायब हुए करीब 97 हजार रूपये.
पटेवा थाना अंतर्गत ग्राम छिलपावन में SBI YONO DOWNLODE करते ही बैंक अकाउंट से गायब हुए करीब 97 हजार की ठगी होने पर जिसकी शिकायत पुलिस में की गई है.
यमुना पटेल ने पुलिस को बतायी कि वह शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला छिलपावन में शिक्षिका है । 08 नवम्बर 2021 को शाम करीब 06-17 बजे से 06-23 बजे के मध्य अपने मोबाईल नंबर से गुगल से योनो एप्स के बारे देख रही थी कि योनो कस्टमर केयर के नंबर में कॉल किया तो बात नही हुई फिर उसी समय मोबाईल 93300xxxxx से उसके मोबाईल नंबर 89669xxxxx में कॉल आया और बोला कि मैं राहुल कुमार योनो एसबीआई कस्टमर केयर से बोल रहा हू। जैसे मैं बोलता जाउंगा वैसे करता जाना आपका मोबाईल नंबर रजिस्टर्ड व योनो एप्स डाउनलोड हो जायेगा। उसके द्वारा बताये अनुसार एनीडेस्क रिमोट डेस्कटाप साफ्टवेयर डाउनलोड की एवं कुछ प्रोसेश करने कहां गया किन्तु उसे समझ नही आया। तब उन्होने दूसरे मोबाईल से बात करने बोलने पर वह अपने घर के दूसरे मोबाईल नंबर 93439xxxxx को दी एवं उसके घर के दूसरे मोबाईल नंबर से बात कर एनीडेस्क रिमोट डेस्कटाप साफ्टवेयर में काम करने का निर्देश दे रहे थे। इस दौरान उन्होने उसे फोन पे में एक्टिवेट लिखकर उसके मोबाईल के शुरूवात के पांच अंक डालने के लिये कहा गया तो वह अपने मोबाईल का शुरूवात का पांच अंक 89669 डाल दी। उसके बाद ओटीपी नंबर 8000 आया उसको भी पूछने पर वह ओटीपी नंबर बता दी और एक्टिवेट करने बोला तो वह एक्टिवेट कर दी। उसे शंका हुआ तब वह अपने मोबाईल फोन पे का अकाउंट चेक किया तो उसके स्टेट बैंक आफ इंडिया कलेक्ट्रेड शाखा महासमुंद खाता नंबर 1122XXXXX से 89669 रू0 एवं 8000 रू0 कुल 97669 रू0 ट्रांजेक्शन हो चुका था।
वह तत्काल परिचित के बैंक में कार्यरत विपिन बिहारी महंती खाता से ट्रांजेक्शन के बारे में बतायी तो खाता को होल्ड कर देता हू बोले। बाद में बैंक से पता किया तो कुल 97669 रू0 ट्रांजेक्शन में से 30,000 रू0 होल्ड है। बाकी रकम 67669 रू0 उसके खाता में नही आने से रिपोर्ट दर्ज करवायी है । मोबाईल नंबर 93300xxxxx के धारक द्वारा एसबीआई योनो एप्स डाउनलोड करने झांसे में डालकर ओटीपी नंबर पूछकर मेरे एसबीआई खाता नंबर 1122xxxxxxx से 89669 रू0 एवं 8000 रू0 कुल 97669 रू0 ट्रांजेक्शन कर धोखाधडी किया है । शिकायत आवेदन पर अपराध धारा 420 भादवि का घटित करना पाये जाने से अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।