बसना : सिंघनपुर में 22 फरवरी को किसान करेंगे चक्काजाम.
छतीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ महासमुंद जिले के सिंघनपुर में चक्काजाम करने की तैयारी कर रहे हैं.
यूरिया खाद नहीं मिलने सरायपाली बसना सहित पुरे जिले के किसान परेशान हैं जिसकी शिकायत वे लगातार अपने अपने क्षेत्र में अधिकारीयों से करते आये हैं लेकिन अब तक किसानों की समस्या का समाधान नहीं हो पाया है.
जानकारी के अनुसार क्षेत्र में अब भी यूरिया खाद 265 रुपये की बजाय 600 रुपये में बिक रहा है. क्षेत्र में यूरिया की कालाबाजारी करते कुछ लोगों पर कार्यवाही भी हुई है. लेकिन कालाबाजारी थमने का नाम नहीं ले रही है. जिसका असर सीधा किसानों पर पड़ रहा है.
यूरिया को लेकर राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच भी जंग छिड चुकी है, राज्य की कांग्रेस सरकार का कहना है कि छत्तीसगढ़ राज्य को रबी सीजन के लिए केन्द्र सरकार द्वारा स्वीकृत कोटे के अनुरूप रासायनिक उर्वरकों की आपूर्ति नहीं हो पा रही है.
राज्य सरकार का कहना है कि रबी सीजन के लिए राज्य को जनवरी 2022 तक कुल 2 लाख 32 हजार मेट्रिक टन रासायनिक उर्वरक की मांग के विरूद्ध मात्र एक लाख 71 हजार 476 टन उर्वरक ही मिल पाई है, जो कि मात्र 74 प्रतिशत है.
वहीँ केंद्र सरकार ने मिडिया में आई इस खबर पर स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि जनवरी 2022 तक 2.32 लाख मीट्रिक टन की आवश्यकता की जगह भारत सरकार ने 3.61 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित की है. यानी राज्य में रासायनिक उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है.
वहीं केन्द्र और राज्य सरकार के आरोप प्रत्यारोप में किसान कालाबाजारी की भेंट चढ़ रहा है. जिसके चलते किसान अब उग्र आन्दोलन करने की तैयारी में हैं. लगातार शिकायत के बावजूद अधिकारीयों से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर किसानों द्वारा 22 फरवरी को दोपहर 2 बजे सिंघनपुर बसना में चक्काजाम करने का निर्णय लिया गया है.
भंवरपुर के किसान नेता विद्या चरण चौधरी ने बताया कि हम बार-बार अधिकारीयों से मिलकर थक चुके हैं. इसके बावजूद कुछ भी नही किया जा रहा है.
विद्या चरण चौधरी ने बताया कि महासमुंद जिले में 3 हजार टन यूरिया और 18 सौ टन डीएपी उपलब्ध है, लेकिन कहाँ है यह पता नहीं है. इसे कहीं कालाबाजारी करने के लिए छुपा दिया गया है. क्षेत्र में 800 से 900 रुपये तक यूरिया बेचा जा रहा है. जबकि शासकीय कीमत 266 रुपये हैं.
उन्होंने बताया कि किसानों ने 400 से 600 रुपये तक इसकी कीमत बर्दाश्त की लेकिन अब 600 से 800 रुपये में इसे बेचा जा रहा है. जिसके साथ एक और प्रोडक्ट भी किसानों को जबरदस्ती खरीदने को कहा जा रहा है.
विद्या चरण चौधरी ने बताया कि अभी किसनों के लिए खाद ज्यादा ही जरुरी है, जिसके चलते किसनों में मनमानी रकम ली जा रही है.
विद्या चरण चौधरी ने बताया कि केंद्र ने राज्य को जरुरत से हिसाब से उससे अधिक यूरिया उपलब्ध करवाया है. उन्होंने बताया कि इस कालाबाजारी में छोटे अधिकारी से लेकर बंगला तक हाथ है.
वहीँ किसानों की पूर्व में दिए 48 घंटे की चेतावनी के बाद आज जब नीलांचल सेवा समिति से मिडिया सलाहकार प्रकाश सिन्हा से इस आगे की रणनीति के बारे में और यूरिया के उपलब्धता के बारें में पूछा गया तो उन्होंने शादी के कार्यक्रम में अपनी व्यस्तता बताकर सोहन पटेल से इसकी जानकारी लेने को कहा.
सोहन पटेल ने कहा कि खाद की समस्या ख़त्म नही हुई है 22 फरवरी को सिंघनपुर NH 53 में चक्काजाम किया जायेगा.