बसना: नानक सागर सहिब गढफुलझर तीर्थ स्थल पर सिक्खों की उमड़ी आस्था शब्द किर्तन में हजारों जुटे
श्री नानक सागर सहिब तीर्थ निर्माण स्थल (गढफुलझर) में तीर्थस्थल निर्माण समिति द्वारा शब्द कीर्तन समागम कार्यक्रम में प्रदेशभर के हजारों सिक्ख महिला पुरूषो ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।
सिक्खो के प्रथम गुरू श्री गुरूनानक देवजी ने अपनी पहली उदासी मे अमरकंटक से जगन्नाथपुरी यात्रा के दौरान बसना के निकट गढ़फुलझर ग्राम में 2 दिनों तक रूकने की जानकारी आते ही इस स्थान पर विश्वस्तरीय तीर्थस्थल निर्माण की चर्चा के बाद अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष (केबिनेट मंत्री दर्जा) महेन्द्र छाबड़ा को नानकसागर सहिब तीर्थ स्थल निर्माण समिति का अध्यक्ष एवं सुरेन्द्र सिंह छाबड़ा को कार्यकारी अध्यक्छ समाज ने बनाकार उनकी अगुवाई में प्रतिमाह उक्त स्थल पर कीर्तन समागम तथा अन्य कार्यक्रम आयोजित किये जाने का निर्णय लिया गया है। 
सिक्खो की उक्त स्थल पर श्री गुरू नानकदेव जी के चरण पडने ने कारण आस्था और अधिक जुडने लगी,20 फरवरी को 11 बजे से 2 बजे तक भाई कुलदीप सिहं रायपुर वाले एवं गढफुलझर के बच्चो के द्वारा शब्द कीर्तन किया एवं अरदास के पश्चात गुरू का लंगर वितरीत किया गया।
प्रत्येक माह पूर्णीमा पर सजेगा कीर्तन दरबार सिक्खो की आस्था पवित्र धरती पर लगातार बढ़ रही है - महेन्द्र छाबड़ा, अध्यक्ष तीर्थस्थल निर्माण समिति गढफुलझर
आज के कीर्तन समागम में महेन्द्र छाबड़ा,(श्री नानक सागर साहिब निर्माण समिति तीर्थ स्थल के प्रधान)स्टेशन रोड गुरूद्वारा के अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह छाबड़ा, निरंजन सिंह खनूजा, इन्दरजीत सिंह छाबड़ा, तेजीन्दर सिंह होरा, गुरूबक्श सिंह होरा, दिलीप सिंह छाबड़ा, कुलवन्त सिंह खनूजा,कार्यकारी गुरूद्वारा बाबा बुढ़ा जी के अध्यक्ष हरकृष्ण सिंह राजपूत,निर्माण समिति के मीत प्रधान लाल सिंह छाबड़ा,हरजिन्दर सिंह हरजू ,महासचिव मनजीत सिंह सलुजा, सचिव महिपाल सिंह,केसियर तेजपाल सिंह टुटेजा सह सचिव कुलवंत सिंह खनुजा,रंजीत सिंह आहुजा,रजिन्दर सिंह खनुजा,जसबीर सिंह (राजू )जसबीर सिंह मक्कड मनजीत सिंह छाबड़ा,त्रिलोचन सिंह तलूजा,गोल्डी,हैप्पी, रिन्कू ओबेराय,देवेन्द्र सिंह आनन्द,रोमी सलूजा,जगजीत सिंह माटा सहित महासमुंद जिले के बसना, सराईपाली, पिथौरा, सांकरा, बागबहरा, सहित सारंगढ़, खरियार रोड के सिक्ख महिलाएं एवंम पुरूष भारी संख्या मं मौजूद थे। यह जानकारी समिति के मिडिया प्रभारी मनजीत सिंह छाबड़ा ने दी।