महासमुंद: आत्महत्या रोकथाम पर कार्यशाला का किया गया आयोजन
महासमुंद: 22 फरवरी 2022
को बाल सम्प्रेषण गृह बरोन्डा बाजार जिला
महासमुंद में आत्म हत्या रोकथाम पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्य शाला का आयोजन
डॉ ए के मंडपे और डॉ छत्रपाल
चंद्राकर नोडल अधिकारी मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के निर्देशानुसार किया गया।
किशोर भारत सरकार ने 0-18 वर्ष के विधि से संघर्षरत बच्चों और देखभाल एवं संरक्षण
की आवश्यकता वाले बालक-बालिकाओं के लिए नवीन किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और
संरक्षण) अधिनियम, 2015 लागू किया है। इस कानून को विधि से संघर्षरत
बच्चों और देखभाल एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के संदर्भ में विशेष कानून
का दर्जा दिया गया है।
बाल सम्प्रेषण में रह रहे बच्चो को आत्म हत्या रोकथाम के संकेत व लक्षण दिखाई देने पर एक दूसरे के सहयोगी बनने के लिए प्रेरित किया गया। अच्छे मानसिक स्वास्थ्य के लिये समय का प्रबंधन और स्वस्थ्य जीवन शैली को अपनाने के कहा गया। सूबह उठने से लेकर सोने नियमित दिन चर्या पर ध्यान दें। खान पान के साथ साफ सफाई। योग विधि और ध्यान करे। किसी प्रकार की मादक पदार्थों का सेवन न करे। परिवार में लड़ाई झगड़े, ह्त्या। चोरी नही करने की सलाह दी गई है। कार्य शाला में मन: चिकित्सकीय सामाजिक कार्यकर्ता रामगोपाल खूँटे और मनोवेज्ञनिक टीकेस्वृरी गोस्वामी स्पर्श क्लिनिक महासमुंद के द्वारा 17 बालको मानसिक स्वास्थ्य जांच और आत्म हत्या रोकथाम पर कार्य शाला में प्रशिक्षित किया गया जिसमें 6 बच्चों में मानसिक तनाव ज्यादा देखा गया। परियोजना अधिकारी। उनके सहयोगी हरिमनि साह, महेंद्र साहू, संतोष ठाकुर आदि का सहयोग रहा।