खाद वितरण के आश्वाशन के बाद किसानों का आन्दोलन स्थगित.
क्षेत्र में किसानों को खाद नहीं मिलने और खाद की कालाबाजारी को लेकर आज किसानों ने प्रशासन को चक्काजाम करने की चेतावनी दी थी. जिसे लेकर किसान आज बसना थाना के ग्राम सिंघनपुर में एकत्रित हुए थे. इस आन्दोलन में लगभग 600 से 700 किसान मौजूद रहे जो महासमुंद जिले के आलावा छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों से भी आये थे.
किसानों के आन्दोलन को देखते हुए पुलिस-प्रशासन भारी संख्या में मौजूद रही और किसानों को खाद की उपलब्धता को लेकर आश्वाशन देती रही. पहले तो प्रशासन ने मंच में जाकर किसानों को समझाने का प्रयास किया लेकिन बात नहीं बनने से किसानों का एक प्रतिनिधि मंडल बनाकर को चर्चा के लिए बसना के रेस्ट हाउस में भेजा गया. प्रतिनिधि मंडल में विद्या चरण चौधरी, सोहन पटेल सहित और अन्य कुछ किसान थे. जिन्होंने बसना रेस्ट हाउस आकर इस मुद्दे पर कलेक्टर से चर्चा की.
चर्चा के बाद प्रतिनिधि मंडल के वापस आने के पहले ही एक बार किसान बीच में आक्रोशित हो चुके थे, और काफी देर तक प्रतिनिधि मंडल के वापस नही आने पर चक्काजाम करने की ओर अग्रसर हुए लेकिन पुलिस द्वरा किसनों को शांति पूर्वक समझाकर रोक दिया गया.
वहीं खाद के मुद्दों पर चर्चा के बाद किसानों के प्रतिनिधी मंडल ने वापस आकर किसानों को बताया कि खाद की उपलब्धता के लिए कलेक्टर से चर्चा हो गई है और दो दिन के अन्दर किसानों को खाद उपलब्ध कराने की बात कही गई. साथ ही कालाबाजारी पर भी कार्यवाही करने और सोसायटीयों में खाद उपलब्ध कराने का भी आश्वाशन दिया गया.
प्रतिनिधी मंडल ने कहा कि ऋणी किसानों को भी नगदी में खाद सोसायटी के माध्यम से मिलने की चर्चा की गई है. जिसपर सात दिन के भीतर मंत्रिमंडल स्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी. साथ ही सहकारी समितियों में ऋण लेने की अवधि 28 फरवरी से बढ़ाकर 15 मार्च की गई है.
उन्होंने आन्दोलन में मौजूद किसानों से रजिस्टर पर अपना नाम लिखने को कहा, जो किसान आन्दोलन में मौजूद रहे उन्हें दो दिन बाद पहले खाद वितरण किये जाने की बात कही.