महासमुंद: राजस्व प्रकरणों के निपटान में आयी तेज़ी,  सरकारी ख़... - CG Sandesh

महासमुंद: राजस्व प्रकरणों के निपटान में आयी तेज़ी, सरकारी ख़ज़ाने में जमा हुए 2 करोड़ 48 लाख 44 हजार रुपए

विगत छह महीने में 1709 नामांतरण प्रकरण, 105 बंटवारा और लंबित 180 सीमांकन प्रकरण के साथ 127 बंदोबस्त त्रुटि सुधार हुए

महासमुंद: कलेक्टर के मार्गदर्शन में विगत छः महीने में अनुविभागीय अधिकारी (रा) महासमुंद और तहसील कार्यालय द्वारा नगरीय क्षेत्र में अतिक्रमित शासकीय भूमि का व्यवस्थापन अर्थात शासकीय भूमि में अतिक्रमण करने वाले लोगो को भूमिस्वामी हक में परिवर्तन किए जाने पर शासकीय मद में 2 करोड़ 48 लाख 44 हजार रुपए जमा किया गया ।अब ये अतिक्रामक के श्रेणी से निकल भूमिस्वामी बन चुके है।
इसी दौरान तहसील महासमुंद में उल्लेखनीय रूप से प्रकरणों का निपटारा किया गया।अब लोगो को लंबे समय से कोर्ट के चक्कर काटने से मुक्ति मिल रही है, इस छमाही में तहसीलदारो ने 1709 नामांतरण प्रकरण निपटाए है, उसी प्रकार से 105 बंटवारा और लंबित 180 सीमांकन प्रकरण निपटाए है। लोगो के भूमि रिकार्ड में आये त्रुटियों का निपटान करते हुए 127 बंदोबस्त त्रुटि सुधार के प्रकरणों का निपटारा किया गया।

सही समय पर लोगो को सेवा मिल सके और विभिन्न शैक्षणिक व अन्य गतिविधियों में लाभ दिलाने वाले सेवायो में लोक सेवा गारंटी योजना के अंतर्गत 10,059 आय प्रमाण पत्र, जारी किए गए। लोगो को 3235 स्थायी जाति प्रमाण पत्र जारी किया गया, इसी प्रकार 3619 मूल निवास प्रमाण पत्र समय सीमा में जारी किया गया। शासकीय योजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण करने संबंधी प्रक्रिया पूर्ण करते हुए, नहर के भू अर्जन के 8 प्रकरणों का निपटारा किया जाकर हितग्राहियों को 35 लाख रुपए का भुगतान किया गया।इसी प्रकार रेलवे ओवर ब्रिज का 1 करोड़ 70 लाख का भुगतान करते हुए 8 लोगो का भूअर्जन किया। इस दौरान प्राकृतिक दुर्घटना और आपदा से जान माल की क्षति होने से 74 लाख 41 हजार रुपए का भुगतान किया गया।

इस कोविड महामारी से मृत्यु होने वाले 296 लोगो के परिजनों को एक करोड़ 48 लाख रुपए एक्सग्रसिया का भुगतान किया गया। वर्तमान में किसान सीधे ही तहसील कार्यालय आकर बिना दिक्कत के अपनी समस्याओं का शीघ्र निराकरण करवा पा रहे हैं। तहसील महासमुंद अंतर्गत गांवों में ही राजस्व प्रकरणों के शीघ्र निपटारा के लिए राजस्व शिविर लगाया जाएगा ताकि फौती नामांतरण, किसान किताब बनाने, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र आदि बनाने के लिए किसानों को किसी बिचौलियों या कार्यालय का चक्कर न लगाना पड़े।

भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर


अन्य सम्बंधित खबरें