भूपेश सरकार की शराब नीति को छोड़ प्रदेश में सारी जनकल्याणकारी योजनाएं फैल - दीपेश मिश्रा
भाजपा युवा मोर्चा शासकीय योजना स्वाध्याय के जिला संयोजक दीपेश मिश्रा ने विज्ञप्ति में कहा कि प्रदेश के सभी वर्गो के लोगों को अपने प्रदेश के सरकार एवं उनके प्रशासनिक व्यवस्था से उम्मीद रहती है कि एक आदर्श के रूप में पूरे समुदाय की आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, शैक्षणिक जरूरतें पूरी कर प्रदेश के विकास के लिए समय-समय पर विभिन्न कल्याणकारी सरकारी योजना शुरू कर क्रियान्वयन करें। जिससे बेरोजगार युवाओ को रोजगार, आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों को वित्तीय सहायता, ज़रूरत मंद महिलाओ की मदद सहित आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, पिछड़ा वर्ग तथा मध्यम वर्गीय व्यक्तियों का इसका लाभ मिल सके।
जिससे प्रदेश के सभी वर्गो के लोग सशक्त और आत्मनिर्भर बन सके। लेकिन प्रदेश में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार जनता के प्रति अपनी जवाबदेही और नैतिकता खो चुकी हैं। चुनाव समय में कांग्रेस द्वारा की गई घोषणाओं को अब तक पूरा करने में असफल रही हैं। युवाओं को 2500 रुपये प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता, पेंशन राशि मे बढ़ोतरी, मितानिनों के प्रोत्साहन राशि सहित तमाम घोषणाएं आधा अधूरी हैं। आज प्रदेश के अन्नदाता कांग्रेस सरकार के गलत नीतियों एवं कृषि से जुड़े तमाम योजनाएं बंद कर देने से योजनाओं के लाभ से वंचित हैं। खरीब और रबी दोनों फसलों में रासायनिक खाद यूरिया, डीएपी जूझना कमी से जूझना पड़ता हैं।
गोठान बना जरूर है लेकिन पशुधन खुले सड़क में घूम रहे हैं। गोठान में कार्य करने वाली स्व सहायता समूह की महिलाएं अपनी दैनिक मजदूरी भी निकाल नही पा रही हैं। प्रदेश में नरवा, गरवा, घुरवा और बारी योजना दम तोड़ती दिखाई दे रही है। स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम शिक्षक ही नही है। भूपेश सरकार केंद्र के भाजपा सरकार सहित प्रदेश में संचालित योजनाओं के लाभ को आम जनता तक पहुंचाने में विफल रही हैं। लेकिन किये गये शराबबंदी के वायदे विपरीत अपने शराब नीति से गांव के अंतिम व्यक्ति तक शराब परोसने में जरूर सफल रही हैं। जिससे प्रदेश में अशांति और अराजकता का मौहोल बना हैं। प्रदेश की जनता आगामी विधानसभा चुनाव में झूठे वायद और इनके गलत नीतियों का प्रतिउत्तर जरूर देगी।